Sonu Nigam Gets Relief In Kannada Controversy From Karnataka High Court: बॉलीवुड के मशहूर सिंगर सोनू निगम ने अपनी गायकी से लोगों का खूब दिल जीता है। न केवल देश बल्कि विदेशों में भी सोनू निगम की गायकी के लोग दिवाने हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों पहले सोनू निगम अपनी एक टिप्पणी के कारण लोगों के निशाने पर आ गए थे। सोनू निगम ने अपने एक कॉन्सर्ट में 'कन्नड़' भाषा पर टिप्पणी कर दी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हुई। हालांकि सोनू निगम ने बीती 13 मई को कर्नाटक हाईकोर्ट में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। इस मामले पर अब कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला सामने आ चुका है। खास बात तो यह है कि हाई कोर्ट की ओर से सोनू निगम (Sonu Nigam) को मामले में राहत मिली है।
सोनू निगम (Sonu Nigam) की याचिका पर न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न किये जाने का आदेश दिया है। सोनू निगम की याचिका पर न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरन्नावर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की। उन्होंने कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश देते हुए सोनू निगम को जांच में सहयोग देने का भी आदेश दिया। दूसरी ओर सोनू निगम के वकील का कहना है कि सिंगर का कन्नड़ समुदाय का अपमान करने का कोई भी इरादा नहीं था। उन्होंने पहले भी सार्वजनिक रूप से मामले पर माफी मांगी है। सोनू निगम के वकील ने इस सिलसिले में आगे कहा, "उनकी टिप्पणी लाइव प्रसारण का हिस्सा थी और इसे मीडिया में बड़े पैमाने पर कवरेज मिला, जिसकी वजह से कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।
आखिर क्या है सोनू निगम का ये विवाद?
बता दें कि बेंगलुरु के वीरगोनगर में सोनू निगम (Sonu Nigam) का एक शो हुआ था, जिसमें परफॉर्मेंस के बीच एक युवक ने उनसे कन्नड़ में गाना गाने की मांग की। लेकिन इस मांग के बदले सोनू निगम ने कहा था, "कन्नड़, कन्नड़, कन्नड़। इसलिए, पहलगाम में हमला हुआ। वहां पर जान ले रहे थे, तब भाषा नहीं पूछी गई थी।" सोनू निगम की इस बात पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जो कि कर्नाटक रक्षण वैदिके के अध्यक्ष धर्मराज ए. ने दर्ज करवाई है।
