Ban on Kangana Ranaut's Emergency: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी के ट्रेलर लॉन्च के कुछ दिनों बाद अब फिल्म को लेकर बड़ा विवाद छिड़ गया है। प्रमुख सिख संगठनों ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग की है। सिख समुदाय की सबसे बड़ी लौकिक सीट अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने फिल्म पर सिख हस्तियों को गलत तरीके से पेश करने और समुदाय के इतिहास का अनादर करने का आरोप लगाया है और मूवी पर जल्द से जल्द बैन लगाने की मांग की है। जिसके बाद अब फिल्म की रिलीज पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यह बैक टू बैक फ्लॉप फिल्में देनें वाली कंगना रनौत के लिए काफी खराब खबर साबित होने वाली है। यहां इस पर एक नजर डालते हैं।
Sikh Demands Ban on Kangana Ranaut's Emergency
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एसजीपीसी ने की 'इमरजेंसी' पर बैन की मांग
एसजीपीसी के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म जानबूझकर सिखों को निगेटिव रूप से पेश कर रही है। उन्होंने फिल्म को सिखों, खासकर जरनैल सिंह भिंडरावाले, जिन्हें समुदाय के लोग शहीद मानते है, उनकी छवि खराब करने के आरोप लगाए हैं।
इमरजेंसी फिल्म को लेकर विवाद अब शुरू हो गया है, यह फिल्म एक पॉलिटिकल ड्रामा है जो उस समय की कहानी बताती है जब 1975 में भारत में आपातकाल लगाया गया था। कंगना रनौत पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के रोल में नजर आने वाली हैं, और फिल्म में उनके पॉलिटिकल सफर को भी दिखाया जा रहा है। हालांकि, कुछ सिख रोल और घटनाओं के को लेकर सिख नेताओं ने नाराजगी व्यक्त करना शुरू कर दिया है।
फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग के साथ ही एसजीपीसी ने कंगना रनौत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। धामी ने फिल्म के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से अभिनेत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
