Rajpal Yadav को चेक बाउंस मामले में SC से मिला आखिरी मौका, 2 हफ्ते में जमा करने होंगे 2 करोड़

Rajpal Yadav Gets Last Chance From Supreme Court: राजपाल यादव को 7 चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मौका मिला है। एक्टर को दो हफ्तों में दो करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराने होंगे।

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के 7 मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह उन्हें दिया गया आखिरी मौका है। सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को दो हफ्ते के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही बाकी बकाया रकम के लिए सिक्योरिटी देने को कहा गया है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन जजों की बेंच ने की। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: सलमान खान के बाद राजपाल यादव को भी मिली गुंडों से धमकी, पाकिस्तान से आया मेल

Rajpal Yadav को सुप्रीम कोर्ट से मिला आखिरी मौका (फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम)

राजपाल यादव का यह विवाद करीब 15 साल पुराना है और एक्टर की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है। 2010 में फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव की प्रोडक्शन कंपनी ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये लिए थे। लेकिन फिल्म के व्यावसायिक रूप से सफल नहीं होने के बाद रकम की वापसी को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाद में भुगतान के लिए जारी किए गए चेक बाउंस हो गए और इसी आधार पर राजपाल यादव के खिलाफ 7 अलग-अलग चेक बाउंस मामले दर्ज हुए। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: King के बाद क्या लेकर आएंगे Shah Rukh Khan? एक्टर ने तोड़ी चुप्पी; 'धुरंधर' के लिए कही ये बात

7 चेक बाउंस के मामलों में हुई थी सजा

दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में राजपाल यादव की दोषसिद्धि बरकरार रखी थी। सातों मामलों में उन्हें 3 महीने की सजा सुनाई गई और कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलें। हर मामले में 1.05 करोड़ रुपये की रकम भी शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट ने पहले की कार्यवाही के दौरान जमा की गई करीब 2.25 करोड़ रुपये की रकम को भी एडजस्ट करने का निर्देश दिया था। राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम छूट दी थी, लेकिन इसकी शर्त रखी थी कि उन्हें 5 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने होंगे।

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