Defamation Case Against Nora Fatehi: ड्यून्स एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने बॉलीवुड एक्ट्रेस और डांसर नोरा फतेही (Nora Fatehi) के खिलाफ गांधीनगर की प्रधान सिविल न्यायाधीश न्यायालय में 3 करोड़ रुपये का सिविल मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि दिसंबर 2025 में चार्टर विमान से यात्रा के दौरान नोरा फतेही द्वारा बनाए और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में विमान की सुरक्षा को लेकर भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। कंपनी ने अदालत से कथित मानहानि, प्रतिष्ठा और कारोबारी साख को हुए नुकसान के लिए 3 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इसके साथ ही कथित आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट हटाने, सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी जारी करने तथा भविष्य में कंपनी के खिलाफ ऐसे बयान देने से रोकने की मांग भी की गई है।
नोरा फतेही कानूनी मुश्किल में फंसीं (Pic Credit: Instagram)
14 दिसंबर 2025 को मुंबई से जयपुर गई थीं नोरा फतेही
प्लेंट के मुताबिक, VT-NDA कॉल साइन वाला विमान हस्ती पेट्रो केमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड ने चार्टर किया था। इसका इस्तेमाल 14 दिसंबर 2025 को नौरा फतेही और उनकी टीम को मुंबई से जयपुर ले जाने के लिए किया गया था। यात्रा का उद्देश्य जयपुर के सवाई मान महल होटल में आयोजित "Tha Dry Port - Jaipur Edition" के ब्रांड लॉन्च कार्यक्रम में शामिल होना था। कंपनी का आरोप है कि विमान में सवार होने से पहले नौरा ने कई वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम प्रोफाइल और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट किए।
विमान को ‘Toy’ और ‘Lego’ बताने का आरोप
ड्यून्स एविएशन ने प्लेंट में आरोप लगाया है कि वीडियो में नौरा फतेही ने विमान के आकार और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने विमान को "Toy Airplane", "Miniature" और "Lego" जैसे शब्दों से संबोधित किया। प्लेंट के अनुसार वीडियो में विमान की सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल किए गए और यात्रा के दौरान सभी से प्रार्थना करने की बात भी कही गई। कंपनी का कहना है कि वीडियो में विमान का कॉल साइन VT-NDA और ड्यून्स एविएशन का लोगो स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
ड्यून्स एविएशन का दावा, विमान पूरी तरह DGCA प्रमाणित
कंपनी ने अदालत में दाखिल प्लेंट में कहा है कि संबंधित विमान Cessna Citation CJ2 था, जो शॉर्ट से मीडियम रेंज की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला बिजनेस जेट है। कंपनी का दावा है कि विमान DGCA से पूरी तरह प्रमाणित और एयरवर्दी था तथा कंपनी वैध गैर-अनुसूचित ऑपरेटर परमिट (NSOP) के तहत इसका संचालन कर रही थी। प्लेंट में यह भी कहा गया है कि मुंबई से जयपुर की उड़ान सुरक्षित रूप से पूरी हुई और इस दौरान कोई घटना नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक प्रसार का दावा
ड्यून्स एविएशन ने दावा किया है कि संबंधित समय पर नोरा फतेही के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 4.66 करोड़ फॉलोअर्स थे। कंपनी का कहना है कि उनकी बड़ी फॉलोअर बेस के कारण वीडियो को व्यापक स्तर पर पहुंच मिली। प्लेंट में कई सोशल मीडिया और फैन पेजेज द्वारा वीडियो दोबारा पोस्ट किए जाने का भी उल्लेख है। कंपनी ने कुछ रीपोस्ट्स के व्यू काउंट का भी हवाला दिया है, जिनमें एक वीडियो को 8.44 लाख से अधिक व्यूज और दूसरे रीपोस्ट को 14.84 लाख से अधिक व्यूज मिलने का दावा किया गया है।
कंपनी का दावा, बुकिंग में 15-20% की गिरावट
कंपनी ने आरोप लगाया है कि वीडियो के प्रसार से उसकी प्रतिष्ठा और कारोबार प्रभावित हुआ। प्लेंट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद कंपनी के अधिकारियों को पुराने ग्राहकों के फोन आने लगे और विमान की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे गए। ड्यून्स एविएशन ने दावा किया है कि पिछले 45-50 दिनों में उसकी बुकिंग्स में 15-20% की गिरावट आई और कई बड़े कैंसलेशंस भी हुए। कंपनी ने इन कारोबारी प्रभावों को सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो से जोड़ते हुए अदालत में नुकसान का दावा किया है।
29 दिसंबर 2025 को भेजा गया कानूनी नोटिस
प्लेंट के मुताबिक, ड्यून्स एविएशन की ओर से नौरा फतेही को 29 दिसंबर 2025 को कानूनी नोटिस भेजा गया था। कंपनी ने नोटिस के जरिए वीडियो से जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक डेटा सुरक्षित रखने, जिसमें रॉ वीडियो, एडिट्स, ड्राफ़्ट, टाइमस्टैम्प, व्यूज और कमेंट्स शामिल हैं, की मांग की थी। साथ ही सोशल मीडिया पोस्ट हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और ₹3 करोड़ का भुगतान करने की मांग की गई थी। कंपनी का आरोप है कि इन मांगों का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद उसे अदालत का रुख करना पड़ा।
अदालत से क्या मांग की गई?
ड्यून्स एविएशन ने अदालत से कथित प्रतिष्ठा और गुडविल के नुकसान तथा व्यावसायिक निंदा के लिए 3 करोड़ का हर्जाना दिलाने की मांग की है। इसके अलावा कंपनी ने सभी कथित मानहानिकारक सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और रील्स हटाने का निर्देश देने, समान विजिबिल्टी के साथ सार्वजनिक स्पष्टीकरण और बिना शर्त माफी जारी कराने तथा भविष्य में कंपनी की प्रतिष्ठा और कारोबार को प्रभावित करने वाले ऐसे बयानों पर रोक लगाने की मांग की है। प्लेंट में कंपनी के निदेशकों की प्रतिष्ठा को हुए कथित नुकसान का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और उपलब्ध दस्तावेज में नौरा फतेही के खिलाफ अदालत की ओर से कोई दोषसिद्धि या अंतिम निष्कर्ष नहीं है।
