Kangana Ranaut SLAMS Kriti Sanon: बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनॉन इन दिनों रक्षा बंधन विज्ञापन को लेकर विवादों में घिरी हुई हैं। एक ज्वेलरी ब्रांड के लिए बनाए गए इस रक्षा बंधन विज्ञापन में कृति सेनॉन को रिवीलिंग ड्रेस कैरी अपने भाई को राखी बांधते हुए देखा गया। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने कृति सेनॉन के पहनावे पर सवाल खड़े किए। इस विवाद में बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी अपनी राय दी। कंगना ने विज्ञापन को लेकर कृति सेनॉन की आलोचना की थी। विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनॉन ने भी अपनी बात रखी और विज्ञापन को भी हटा दिया गया। इसके बाद भी कंगना की नाराजगी कम होती नजर नहीं आ रही है। उन्होंने एक बार फिर कृति सेनॉन पर तंज कसते हुए काफी कुछ कहा है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: 'बंटवारा 1947' की नाकामी के बाद Sunny Deol को मिला राजकुमार संतोषी का साथ, 'घातक' जैसी होगी नई फिल्म)
कृति सेनॉन पर फिर भड़कीं कंगना रनौत (Pic Credit: Instagram)
कृति सेनॉन से बयान पर कंगना रनौत ने किया पलटवार
हाल ही में DD News से बात करते हुए कंगना रनौत ने कृति सेनॉन के बयान पर रिएक्शन देते हुए कहा, 'वो तो वैसे भी उनको जिस तरह की फिल्मों में हम देखते हैं, उनको कौन रोक रहा है कुछ पहनने से? किसी ने उन्हें आज तक रोका है? किसी को क्या पड़ी है कि वो क्या पहन कर आती है? मुझे नहीं लगता है किसी को भी पड़ी है उनके वस्त्रों की।' (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Kuku Kohli के निधन पर Salman Khan ने जताया दुख, अरुणा ईरानी के लिए कही ये बात)
राहुल गांधी के बयान पर भी दिया रिएक्शन
राहुल गांधी के बयान पर भी कंगना रनौत ने रिएक्शन दिया। 'इमरजेंसी' एक्ट्रेस ने कहा, 'इतनी बुद्धू सोच कैसे हो सकती है? किसी भी सभ्यता का सौन्दर्यात्मक एक्सप्रेशन ही त्यौहार है... रक्षाबंधन एक सभ्यता का धार्मिक एक्सप्रेशन है। उसके प्रॉपर नियम होते हैं, जैसे पूजा के होते हैं।'
कंगना रनौत ने आगे कहा कि "ब्रैलेट" बस एक छोटी सी प्रॉब्लम है। बाकी कई चीजों ने हैरान कर दिया है। उन्होंने विज्ञापन में त्योहार को दिखाए जाने के तरीके पर सवाल उठाया और पूछा कि इसमें टीका, परिवार और ऐसी दूसरी चीजें क्यों नहीं दिखाई गईं। कंगना रनौत ने उन लोगों से भी सवाल किया है जो ज्वेलरी के विज्ञापन का बचाव कर रहे थे। लोगों को समझा रहे थे कि कोई क्या पहनता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता जबकि यह विज्ञापन पहनने वाली चीज को ही प्रमोट कर रहा था।
