Ghulam Turns 26: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) ने साल 1998 में डायरेक्टर विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) के साथ गुलाम (Ghulam) नाम की फिल्म के लिए हाथ मिलाया था, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। फिल्म गुलाम की कहानी आमिर खान के कैरेक्टर के आस-पास घूमती दिखाई दी थी, जिसकी भिड़ंत उसके एरिया के दादा शरत सक्सेना के साथ थी। शरत सक्सेना ने फिल्म गुलाम में खलनायक की भूमिका निभायी थी, जो बॉक्सर था। शरत सक्सेना (Sharat Saxena) इससे पहले फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाते दिखाई देते थे लेकिन फिल्म गुलाम में उनकी शानदार परफॉर्मेंस ने लोगों का नजरिया बदल दिया। गुलाम देखने के बाद फिल्म निर्माताओं और डायरेक्टर्स को लगा कि शरत सक्सेना अच्छे रोल निभा सकते हैं लेकिन फिर भी उनका करियर ऊंचाइयां नहीं छू सका। ऐसा क्या हुआ कि शरत सक्सेना को गुलाम जैसी सुपरहिट फिल्म का भी कोई फायदा नहीं हुआ? आइए आपको बताते हैं...
Ghulam Turns 26
आमिर खान ने विक्रम भट्ट को सुझाया था शरत सक्सेना का नाम
शरत सक्सेना 70-80 के दशक से ही फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे थे। दर्शकों ने उन्हें कई अभिनेताओं की फिल्मों में देखा था लेकिन उनके रोल्स बहुत छोटे-छोटे होते थे। सालों तक काम करने के बाद भी उन्हें कोई बड़ी फिल्म नहीं मिल रही थी। साल 1998 में जब आमिर खान ने गुलाम करने का फैसला लिया तो उन्होंने डायरेक्टर विक्रम भट्ट को शरत सक्सेना का नाम सुझाया।
आमिर खान ने क्यों सुझाया था शरत सक्सेना का नाम
फिल्म गुलाम जब सुपरहिट हो गई और मेकर्स ने इसकी सक्सेस पार्टी रखी तब शरत सक्सेना ने आमिर खान से पूछा था कि उन्होंने ऐसा क्यों सोचा कि शरत बॉक्सर विलेन के रोल के लिए परफेक्ट चॉइस रहेंगे? आमिर खान ने शरत को तब बताया था, 'मैंने आपको कई फिल्मों में देखा है। आप अच्छी एक्टिंग करते हैं लेकिन कोई बड़े किरदार आपको प्ले करने के लिए नहीं मिलते हैं। मुझे लगता था कि ये रोल आप अच्छे से निभाएंगे, इसलिए मैंने मेकर्स को आपका नाम सुझाया।'
गुलाम की सक्सेस का शरत सक्सेना को नहीं मिला कोई फायदा
फिल्म गुलाम को केवल बॉक्स ऑफिस सफलता ही नहीं मिली थी बल्कि इसे क्रिटीक्स ने भी काफी पसंद किया था। शरत सक्सेना की अदाकारी को भी काफी सराहना मिली थी लेकिन गुलाम की सफलता का उन्हें कोई खास फायदा नहीं मिला था। शरत सक्सेना ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि जिस वक्त गुलाम सुपरहिट हुई थी, उस समय ही टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्या हुई थी। उनकी हत्या के बाद इंडस्ट्री ने काफी समय तक कोई भी फिल्म अनाउंस नहीं की, जिस कारण उन्हें काम नहीं मिला।
साथिया और तुमको न भूल पाएंगे से जाकर मिली पहचान
गुलाम की रिलीज के बाद भी शरत सक्सेना को सालों तक इंतजार करना पड़ा था। गुलाम की रिलीज के सालों बाद साथिया और तुमको न भूल पाएंगे जैसी फिल्मों में दोबारा शरत सक्सेना को अच्छे रोल मिले और उन्होंने शानदार काम करके सबको इम्प्रेस किया। फिल्म साथिया में तो उनकी अदाकारी को लोगों ने काफी पसंद किया था।
