ये फिल्म उत्तराखंड में जन्मे उस युवा की कहानी है जिसका नाम आज देश के सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में गिना जाता है। एक जिज्ञासु युवक, जो साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद साधु जीवन अपनाता है और उसके बाद गोरखपुर मठ से निकल कर देश के सबसे बड़े राज्य का नेतृत्व करता है, फिल्म उन्हीं संघर्षों, साहसिक फैसलों और मजबूत नेतृत्व की झलक पेश करती है।
भारतीय सिनेमा और राजनीति का रिश्ता हमेशा से दिलचस्प रहा है। नेताओं की ज़िंदगी, उनके संघर्ष और सत्ता तक की यात्रा को बड़े परदे पर कई बार उतारा गया है। हाल के वर्षों में द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर ने डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल को दिखाया तो पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात से दिल्ली तक के सफर को। दक्षिण भारत में भी एमजीआर, जयललिता और एनटीआर जैसे नेताओं पर बनी बायोपिक्स खूब चर्चित हुईं। अब इसी परंपरा में एक नई कड़ी जुड़ी है, अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी ।
अजेय एक साधु के मुख्यमंत्री बनने की गाथा
19 सितम्बर 2025 को रिलीज़ हुई अजेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित है। ये फिल्म उत्तराखंड में जन्मे उस युवा की कहानी है जिसका नाम आज देश के सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में गिना जाता है। एक जिज्ञासु युवक, जो साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद साधु जीवन अपनाता है और उसके बाद गोरखपुर मठ से निकल कर देश के सबसे बड़े राज्य का नेतृत्व करता है, फिल्म उन्हीं संघर्षों, साहसिक फैसलों और मजबूत नेतृत्व की झलक पेश करती है।
वास्तविक जीवन की रोमांचक पटकथा
योगी आदित्यनाथ का असली जीवन भी कम रोचक नहीं। 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पंचूर गांव में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने बचपन से ही कठिन परिस्थितियों में अनुशासित जीवन जिया। गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक करते समय उनका रुझान गोरखनाथ मठ की ओर हुआ और उन्होंने संन्यास ले लिया, जिसके बाद उन्हें नाम मिला योगी आदित्यनाथ। मठ में रहते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और गौ-संरक्षण जैसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय रहते हुए योगी पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक परिचित चेहरा बन गए।
सियासी जीवन के अहम पड़ाव जिन्होंने योगी को दी नई ऊंचाइयां
सिर्फ 26 साल की उम्र में, 1998 में, योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर से सांसद बने और इसके बाद लगातार पाँच बार संसद पहुंचे। सांसद रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का काम किया। 2017 में उत्तर प्रदेश के चुनावी में बीजेपी को ऐतिहासिक बहुमत मिलने के बाद वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 2022 के चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद योगी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। वो प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने लगातार पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद दूसरी बार शपथ ली।
योगी की प्रशासनिक उपलब्धियां
मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को सख्ती से दुरुस्त करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। अपराध पर लगाम लगाने के लिए ऑपरेशन क्लीन जैसी पहल की जिसका नतीजा आज यूपी माफिया मुक्त है। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक जो संगठित अपराध का नेटवर्क था वो अब खत्म हो चुका है मुख्तार अंसारी से लेकर अतीक अहमद अब गुजरे दौर की सिर्फ निशानी भर रह गए है। योगी की उपलब्धियों में पुलिस तंत्र का आधुनिकीकरण, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और अयोध्या राम मंदिर का तेज़ विकास, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और डिफेंस कॉरिडोर जैसे औद्योगिक प्रयास शामिल है।
फिल्म देखकर योगी के फैन हो रहे युवा
फिल्म अजेय इन पड़ावों को सिनेमाई अंदाज़ में पिरोती है। दर्शक एक साधारण युवक से कठोर तपस्या और अनुशासन के बल पर अटल और निर्भीक नेता बनने की पूरी यात्रा को देखते हैं। रिलीज के पहले दिन से ही दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोग इसे प्रेरणादायक और भव्य बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि इसमें राजनीतिक संतुलन और विरोधी पक्ष की झलक कम है। अयोध्या मथुरा प्रयागराज और वाराणसी के युवाओं में इस फिल्म को देखने को लेकर खासा क्रेज दिख रहा है। साधु समाज के लोगो ने फिल्म अजेय का प्रीमियर देखा है वो इस फिल्म को अपना आशीर्वाद दे रहे है।
