'एनिमल चल गई तो सब वायलेंस करने लगे...' Kareena Kapoor Khan ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को मारा ताना

बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर ने इंडस्ट्री की भेड़चाल वाली सोच पर तंज कसा है। ‘दायरा’ एक्ट्रेस ने कहा कि दर्शक अब ज्यादा समझदार हैं और उन्हें एक जैसी फिल्मों के बजाय अलग कहानियां पसंद आती हैं।

बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘दायरा’ (Daayra) को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म में वह साउथ स्टार पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ नजर आएंगी। ‘दायरा’ का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड जीत चुकीं फिल्ममेकर मेघना गुलजार ने किया है। फिल्म की रिलीज से पहले करीना कपूर ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में चल रही भेड़चाल वाली सोच पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार लोग दूसरों को देखकर वही काम करने लगते हैं और एक ही तरह की फिल्मों का ट्रेंड शुरू हो जाता है। करीना ने इस सोच पर तंज कसते हुए कहा कि अब दर्शक पहले से ज्यादा समझदार हो चुके हैं और उन्हें अलग तरह की कहानियां पसंद आती हैं। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-'तुम दूसरी जया बच्चन हो...' वाले कमेंट पर Taapsee Pannu ने दिया ऐसा जवाब, दंग रह गए लोग)

Kareena Kapoor Khan on bollywood

करीना कपूर खान ने कह दी बड़ी बात (instagram)

करीना कपूर खान ने कह दी बड़ी बात

बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर ने हाल ही में Yuvaa के साथ एक टाउन हॉल बातचीत में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में चल रही ‘हर्ड मेंटैलिटी’ यानी एक-दूसरे को देखकर उसी तरह की फिल्में बनाने की सोच पर खुलकर बात की। करीना ने कहा कि आज के दर्शक पहले से ज्यादा समझदार हैं और उन्हें पता है कि कौन सी फिल्म अच्छी है और कौन सी नहीं। उन्होंने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'एनिमल' का उदाहरण देते हुए कहा कि फिल्म की सफलता के बाद कई फिल्ममेकर अब हिंसा वाली फिल्में बनाना चाहते हैं। करीना ने कहा, “हमारे दर्शक हमारी सोच से ज्यादा समझदार हैं। उन्हें पता होता है कि अच्छी फिल्म कौन सी है और वे उसे देखना चाहते हैं। इसलिए अब सिर्फ एक लड़का-लड़की की लव स्टोरी वाली फिल्में ही नहीं चलेंगी। ये सोच पुरानी हो गई है कि ‘अभी हिंसा वाली फिल्में चल रही हैं, एनिमल हिट हो गई तो चलो हम भी हिंसा पर फिल्म बनाते हैं।’ हम एक-दूसरे को देखकर चलने वाली सोच रखते हैं, और क्या कहें? लेकिन कुछ ऐसे फिल्ममेकर भी हैं जो कुछ अलग करना चाहते हैं, लोगों को सोचने पर मजबूर करना चाहते हैं और उनकी अपनी फैन फॉलोइंग है। मुझे लगता है कि अब चीजें बदल रही हैं। दर्शक अब ट्रेलर देखकर तय करेंगे कि उन्हें फिल्म देखनी है या नहीं।”

End of Feed