Adipurush Row: फिल्म आदिपुरुष को लेकर पनपे विवाद और विरोध से जुड़े संग्राम के बीच स्क्रिप्ट राइटर मनोज मुंतशिर के काम (फिल्म में) पर "रामायण" सीरियल बनाने वाले रामानांद सागर के बेटे प्रेम सागर ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा है- पता नहीं कैसे उन्होंने आदिपुरुष फिल्म में ऐसे डायलॉग्स डाल दिए।
फिल्म आदिपुरुष के डायलॉग्स मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं।
वह बोले, "मैंने मनोज मुंतशिर का जो पहले का काम (यूट्यूब आदि पर) देखा है, वह कमाल का लगता है। वह बहुत बड़े ज्ञानी हैं और हिंदू धर्म का प्रचार करते रहे हैं और उनकी उम्र भी बेहद कम है। मुझे समझ नहीं आता है कि उन्होंने आदिपुरुष में ऐसे डायलॉग कैसे यूज किए!"
उन्होंने आगे बताया- फैसला गलत हो गया? अगर यह आज की पीढ़ी के लिए है तो जो जनता है, उस जनता के साथ आप ऐसा नहीं कर सकते हैं न! आप फिर उसे ब्रिज कैंडी या फिर मार्वल कॉमिक्स जैसा कुछ बोलिए...यह मत बोलिए कि वह वाल्मिकी की रामायण पर आधारित है।
बकौल प्रेम सागर, "आप फंतासी बना दीजिए, पर जब आप रामायण बनाते हैं तब आप हिंदुस्तान के साथ कपट नहीं कर सकते हैं। लोग ऐसी चीजों को भक्ति से देखते हैं। सरस्वती सबके पास नहीं जाती है। आप कुछ भी कर लीजिए लक्ष्मी उसी के पास जाएगी, जिसे उन्हें योगदान देना होगा। जब वह योगदान देती है, तब उसके साथ बंधन भी है। मसलन कलम का गलत इस्तेमाल इसमें शामिल है। आप उस कलम से फ्लड्स (सैलाब) नहीं पैदा कर सकते हैं।"
उनके मुताबिक, सनातन धर्म की जो धरती है, हम उसे भारत कहते हैं। इसके कण-कण में राम की छवि, श्रद्धा और भक्ति है। हनुमान जी हैं...मैं हर रोज जाप करता हूं, पर उसके साथ आपको अपने नैतिक मूल्य तो रखने पड़ेंगे। आप कितने भी स्पेशल इफेक्ट्स यूज कर लें, पर राम तो राम रहेंगे।
