बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान कितने कमाल के अभिनेता हैं ये बताने की जरूरत नहीं हैं। आमिर ने अपने करीब तीस साल के फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक शानदार फिल्मों से लोगों का मनोरंजन किया है। मनोरंजन करने के साथ ही आमिर खान ने फिल्मों के जरिये लोगों को जीने की कला भी सिखाई है।
लाल सिंह चड्ढा
हाल ही में आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा का एक डायलॉग काफी फेमस हुआ। फिल्म के एक सीन में आमिर कहते हैं कि जिंदगी गोलगप्पों की तरह होती है, पेट भले भर जाए लेकिन मन नहीं भरता। इस डायलॉग को लोगों ने काफी पसंद किया। इससे पहले भी आमिर ने अपनी कई फिल्मों में ऐसी ही सीख दी है।
तारे जमीन पर
फिल्म तारे जमीन पर में आमिर खान का एक डायलॉग था जिसमें वह कहते हैं कि, 'बच्चों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। इसमें इलाज की शक्ति है, एक मरहम है जिससे दर्द मिटता है।' आमिर के इस डायलॉग से लोग सीख सकते हैं कि बच्चों की परवरिश किस तरह से की जाए। हर बच्चा एक जैसा नहीं होता। इसलिए हर बच्चे को अलग तरह के अटेंशन और केयर की जरूरत होती है।
पीके
फिल्म पीके में आमिर खान लोगों को सिखाते हैं कि ईश्वर तो एक है। हर किसी को भगवान बना देना गलत है। ऐसे लोग सिर्फ हमें ठगते हैं। आमिर खान सिखाते हैं कि ऐसे लोगों से दूरी बनाने में ही भलाई है।
3 इडियट्स
3 इडियट्स के आमिर खान से सीखा जा सकता है कि पढ़ाई में टॉपर बनना ही सबकुछ नहीं है। हमें काबिल बनना चाहिए। कामयाबी तो झक मारकर पीछे आएगी।
दंगल
दंगल के जरिये आमिर खान लोगों को संदेश देते हैं कि जो लोग लड़कियों को लड़कों से कम आंकते हैं वो बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं। लड़कियां किसी मामले में उनसे कम नहीं हैं।
रंग दे बसंती
रंग दे बसंती में आमिर खान ने सिखाया कि सिर्फ सिस्टम की बुराई गिनाते रहने से समस्या हल नहीं होने वाला। अगर हमें सिस्टम दुरुस्त करना है तो फिर उसमें उतरना होगा।
लगान
आमिर खान की फिल्म लगान के जरिये हमें ये संदेश मिलता है कि जिसके मन में साहस है उसे हराना काफी मुश्किल है। जिंदगी में चाहे जितनी दिक्कतें हो हमें अपना बेस्ट करना चाहिए।
सीक्रेट सुपरस्टार
सीक्रेट सुपरस्टार के जरिए आमिर खान ने लोगों को समझाया कि डर जाना, हार मान जाना बहुत आसान होता है, मगर चलते जाना अपना काम करते जाना बहुत मुश्किल। लेकिन पूरे लगन से उस काम को करें तो सफलता जरूर मिलती है।
दिल
महेश भट्ट की फिल्म दिल है की मानता नहीं के एक सीन में आमिर खान कहते हैं कि लिफ्ट अगर इतनी आसानी से मिल जाती तो सारे लड़के दुनिया घूम आते, लिफ्ट मांगना भी एक कला है। आमिर के इस डायलॉग से सीखा जा सकता है कि कोई भी काम आसान नहीं होता। हर काम को करने का एक अलग अंदाज होता है।
