बीजेपी ने एक बार फिर से कांग्रेस पर दलित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान का आरोप लगाया हैं। पार्टी ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे कमरे के बाहर गेट से झांकते हुए नजर आ रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि वीडियो कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नामांकन के समय का है। भाजपा का आरोप है कि परिवार का नहीं होने के कारण खरगे के साथ ऐसा बर्ताव हुआ था।
गेट के बाहर से झांक रहे थे मल्लिकार्जुन खरगे, BJP ने शेयर किया वीडियो
जानकारी के अनुसार, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि वायनाड में कथित त्रिमूर्ति की तरफ से आज मल्लिकार्जुन खरगे जैसे वरिष्ठ सांसद और दलित नेता के प्रति ऐसा बर्ताव बेहद निराशाजनक है। AICC का अध्यक्ष हो या PCC का, क्या यह परिवार उन लोगों को अपमानित करने में गर्व महसूस करता है, जिन्हें वह महज एक रबर स्टाम्प मानता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने लिखा कि जब फर्स्ट फैमिली प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर रही थीं, तब आप कहां थे खरगे साहब? बाहर खड़े कर दिए गए थे, क्योंकि वह परिवार नहीं हैं। सोनिया परिवार के अहंकार और अधिकार की वेदी पर आत्मसम्मान और गरिमा की बलि चढ़ गई। जरा सोचिए कि अगर ये वरिष्ठ दलित नेता और पार्टी अध्यक्ष के साथ ऐसा करते हैं, तो ये वायनाड के लोगों के साथ कैसा बर्ताव करेंगे।
कांंग्रेस ने भी बीजेपी पर किया पलटवार
इधर, कांग्रेस ने भी भाजपा पर दलित नेता के अपमान के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि असलियत यह है कि नामांकन के वक्त डीएम के कमरे में प्रत्याशी को मिलाकर सिर्फ पांच लोग बैठ सकते थे। जब खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी वहां पहुंचे, तो पहले ही कुछ लोग बैठे थे। जैसे ही वो कमरे से निकले, उसी वक्त खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी अंदर आए और खरगे प्रथम पंक्ति में बैठे। सोनिया गांधी सीपीपी की अध्यक्ष होने के बाद भी पीछे बैठीं। उन्होंने आगे कहा कि हमारा अपने अध्यक्ष के लिए भरपूर सम्मान है, लेकिन भाजपा बार-बार जो खरगे का अपमान करती है। वो शायद इसलिए करती है, क्योंकि वह दलित समुदाय से आते हैं। वह उस समुदाय से आते हैं, जिनसे भाजपा नफरत करती है। जिनका सालों तक इनके जैसे लोगों ने शोषण किया है। हम हमारे अध्यक्ष का सम्मान करते हैं...।
बता दें, खरगे ने सामने से आकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है जब कांग्रेस पर अपने ही सीनियर नेता के अपमान के आरोप लगे हैं। कई नेताओं के साथ ऐसा हुआ है और उस वजह से पार्टी विवादों में भी फंसी है। यह अलग बात है कि प्रियंका गांधी के नॉमिनेशन को लेकर एक दावा यह भी है कि थोड़ी देर के लिए खरगे भी उनके साथ ही खड़े थे, लेकिन बाद में वे बाहर चले गए थे।
