JP Nadda Exclusive Interview: लोकसभा चुनाव 2024 के परिणामों से पहले BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने टाइम्स नाउ व टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में कांग्रेस के मुस्लिम प्रेम के प्रति अपनी बात रखी वहीं उन्होंने 400 पार, मोदी सरकार के कामकाज, राहुल गांधी, ममता बनर्जी आदि पर खुलकर अपनी राय रखी।
इस चुनाव में हिंदू-मुस्लिम करना क्यों जरूरी है?
जेपी नड्डा
पीएम मोदी ने जो भी योजनाएं बनाईं उसमें समाज के हर तबके का ध्यान रखा और उसमें कोई भेदभाव नहीं किया, इन 10 सालों में पीएम मोदी ने कभी नहीं कहा- "हम मुस्लिमों के लिए कर रहे हैं" हमने मुस्लिमों के इतना कुछ किया पर कभी भी एक वाक्य नहीं कहा, वहीं ये कांग्रेस पार्टी जो फूट डालो राज करो की नीति पर चलती है उसने अपने घोषणापत्र में लिखा- Special Treatment will given to Minority...नड्डा ने कहा उनके लिए माइनोरिटी कौन हैं-मुस्लिम...पर जब हम माइनोरिटी बोलते हैं तो उसमें मुस्लिम शब्द आता ही है।
जेपी नड्डा
वहीं नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की बात नहीं रख रही हैं बल्कि वो घुसपैठियों की प्रवक्ता हैं और ये मैं जिम्मेदारी से ममता बनर्जी पर बेहद गंभीर आरोप लगा रहा हूं, घुसपैठियों को पोषित करना, उन्हें संभाल कर रखना यही ममता का काम है। इसके अलावा नड्डा ने कहा कि चुनाव के दौरान कम वोटिंग के लिए इंडी अलायंस जिम्मेदार है, पहले दो चरणों में कांग्रेस और इंडी अलायंस तो एक तरह से लड़ ही नहीं रहे थे तो इनका वोटर मान चुका था कि बीजेपी तो 400 पार पहुंच रही है, तो इन्हें वोट क्या देना।
नाविका कुमार
नड्डा जी, विपक्ष में, राहुल गांधी कहते हैं कि आप लिखकर ले सकते हैं कि बीजेपी 150 के पार 1 सीट भी नहीं जीतेगी। प्रियंका गांधी कहती हैं कि आप 180 पार नहीं करेंगे। अरविंद केजरीवाल गिनती 230 बताई है. ऐसे बयान सुनकर क्या आपके मन में कभी संदेह आया?
जेपी नड्डा
सबसे पहले, यह पूछा जाना चाहिए कि आपके द्वारा बताए गए 3 नामों- राहुल, प्रियंका और अरविंद केजरीवाल को कौन गंभीरता से लेता है? दूसरे, इससे साबित होता है कि उनके पास कोई एजेंडा नहीं है। आप बीजेपी की सीटों का अनुमान लगाने में व्यस्त हैं, इससे पता चलता है कि उनके पास विचार करने के लिए अपना कोई विषय नहीं है, उनके पास अपना कुछ भी नहीं है, लेकिन वे दूसरों की आलोचना में लगे रहते हैं।
'बेचारे गणित में कमज़ोर हैं, 4 जून को सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा'
इसके अलावा नड्डा ने कहा- ये वो लोग हैं जो ज़मीन से कटे हुए हैं, उनमें ज़मीनी हक़ीक़त की समझ नहीं है। हम उन लोगों में से नहीं हैं जो उनकी विचलित करने वाली राजनीति में फंस जाएं। यही कारण है कि अब तक के 6 चरणों में, छठा चरण पूरा होने के साथ, हम उनसे बहुत आगे निकल गए हैं। हम उनकी ध्यान भटकाने की राजनीति में नहीं फंसे, हमें सिर्फ अपना काम करना था, जिस पर हमने पूरी लगन से फोकस किया।' बेचारे गणित में कमज़ोर हैं। 4 जून को सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा - हम सब देखेंगे कि कौन सही था और कौन गलत।
