सियासी किस्सा : जब आईके गुजराल ने संजय गांधी को लगाई फटकार, फिर गंवानी पड़ी कुर्सी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 16, 2024, 03:53 PM IST

Sanjay Gandhi : संजय गांधी की यह मांग गुजराल को पसंद नहीं आई और उन्होंने सीधे कह दिया कि ऐसा करना संभव नहीं है। गुजराल ने कहा कि एआईआर पर समाचार को प्रसारित होने से पहले वह खुद भी उन्हें नहीं देखते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • यह किस्सा आपताकाल के दौर का है, इंद्र कुमार गुजराल उस समय इंदिरा गांधी की सरकार में मंत्री थे
  • संजय गांधी ने कहा था कि एआईआर पर समाचार प्रसारित होने से पहले उसकी स्क्रिप्ट उन्हें दिखाई जाए
  • गुजराल ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है, वह खुद भी स्क्रिप्ट नहीं देखते, इससे संजय गांधी नाराज हो गए

Sanjay Gandhi : भारतीय राजनीति अपने किरदार और किस्सों से भरी पड़ी है। कुछ कहानियां और किस्से ऐसे भी हैं जिनके बारे में शायद ही लोगों को पता हो। ये किस्से ज्वलंत दस्तावेज के रूप में कहीं किताबों के तो कभी कुछ लोगों की याददाश्त का हिस्सा हैं। यहां हम एक ऐसे ही किस्से का जिक्र करेंगे जिसके बारे में वरिष्ठ पत्रकार वीर सांघवी ने बताया है। यह किस्सा पू्र्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, उनके बेटे संजय गांधी और इंद्र कुमार गुजराल से जुड़ा है। सांघवी ने अपनी किताब 'मैंडेट : विल ऑफ द पीपल' में इनसे जुड़े रोचक किस्से के बारे में बताया है।

IK Gujral

संजय गांधी और आईके गुजराल से जुड़ा सियासी किस्सा।

आपातकाल के दौर का है किस्सा

यह कहानी आपातकाल के दौर की है। इंद्र कुमार गुजराल उस समय इंदिरा गांधी की सरकार में मंत्री थे। एक बार संजय गांधी गुस्से में उनके पास पहुंचे और उनसे कहा कि वह ऑल इंडिया रेडियो (AIR) पर समाचारों के प्रसारित होने से पहले उसकी स्क्रिप्ट देखना चाहेंगे। संजय की यह मांग गुजराल को पसंद नहीं आई और उन्होंने सीधे कह दिया कि ऐसा करना संभव नहीं है। गुजराल ने कहा कि एआईआर पर समाचार को प्रसारित होने से पहले वह खुद भी उन्हें नहीं देखते हैं। दोनों में विवाद बढ़ने पर इंदिरा गांधी ने दखल दी। इंदिरा ने संजय को समझाया और उनसे इस बकझक को भूल जाने के लिए कहा। तत्कालीन पीएम ने कहा कि इस मामले को बाद में देखा जाएगी।

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