Operation Kaveri and Karnataka elections 2023: ऑपरेशन कावेरी अभियान के तहत सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने का काम 24 अप्रैल से शुरू हो चुका है। लेकिन इन सबके बीच कर्नाटक विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी बयानबाजी भी हो रही है। कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि जब उन्होंने आवाज उठाई तब जाकर भारत का विदेश मंत्रालय जागा और सूडान में फंसे भारतीयों को लाने का काम शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि मानवता से ऊपर कुछ भी नहीं है, राजनीति भी नहीं। दरअसल विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा था कि यह समय राजनीति का नहीं है, आप राजनीतिक फायदे के लिए भारतीयों की जान मुश्किल में क्यों डाल रहे हैं।
सिद्धारमैया, कर्नाटक के पूर्व सीएम और कांग्रेस के कद्दावर नेता
क्या था मामला
डॉ एस जयशंकर ने जवाब देते हुए सिद्धारमैया को कहा था कि बस आपके ट्वीट से स्तब्ध हूँ ! दांव पर जीवन हैं, राजनीति मत करिए। 14 अप्रैल को लड़ाई शुरू होने के बाद से खार्तूम में भारतीय दूतावास सूडान में अधिकांश भारतीय नागरिकों और पीआईओ के साथ लगातार संपर्क में है। उनके बारे में योजनाओं को एक बहुत ही जटिल सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखना होता है। दूतावास इस संबंध में लगातार मंत्रालय के संपर्क में है। उनकी स्थिति का राजनीतिकरण करना आपके लिए घोर गैरजिम्मेदाराना है। कोई भी चुनावी लक्ष्य विदेशों में भारतीयों को खतरे में डालने का औचित्य नहीं रखता है। पीएम मोदी ने अधिकारियों से आकस्मिक निकासी की तैयारी करने को कहा और ऑपरेशन कावेरी लॉन्च किया गया।
कर्नाटक से कनेक्शन
दरअसल कर्नाटक के ज्यादातर लोग सूडान में फंसे हुए है। राजनीतिक रैलियों में कांग्रेस इसे बीजेपी के खिलाफ मुद्दा बना रही है। कांग्रेस के नेता उत्तर कर्नाटक में लगातार इस बात को कह रहे हैं, बड़ी संख्या में हमारे भाई सूडान में फंसे हुए हैं। लेकिन भारत सरकार यूं कहें कि बीजेपी को चिंता नहीं है। कांग्रेस को लगता है कि चुनावों में इसका पार्टी के लिए सकारात्मर असर पड़ेगा और बीजेपी के खिलाफ जनमत बनाने में मदद मिलेगी।
24 अप्रैल से ऑपरेशन कावेरी
ऑपरेशन कावेरी सोमवार, 24 अप्रैल को सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए शुरू किया गया था, जहां सूडानी सेना और अर्धसैनिक समूह लड़ रहे हैं। जेद्दाह में एक पारगमन सुविधा भारत में आने से पहले कुछ समय के लिए निकाले जा रहे भारतीयों की मेजबानी करेगी। भारतीय नौसेना भी ऑपरेशन कावेरी में शामिल हो गई है, आईएनएस तेग अतिरिक्त अधिकारियों और आवश्यक राहत सामग्री के साथ मंगलवार को पोर्ट सूडान पहुंचा।
