Nadia Violence: पश्चिम बंगाल में जोरदार राजनीतिक मुकाबला बुधवार को वोटिंग के दूसरे और आखिरी चरण के साथ खत्म हो जाएगा। 294 सीटों में से 142 सीटों पर सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू हो गई है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का BJP के साथ कड़ा मुकाबला है। BJP का लक्ष्य राज्य में अपनी पहली सरकार बनाना है। लेकिन इस बीच हिंसा लगातार जारी है। अब खबर है कि भाजपा के बूथ एजेंट से मारपीट की गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर नादिया जिले के चपरा में बूथ नंबर 53 पर एक भाजपा एजेंट से मारपीट करने और उसके सिर फोड़ने का आरोप लगा है। जहां चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी है।
West Bengal Assembly Elections 2026: नादिया में BJP के बूथ से मारपीट, TMC कार्यकर्ताओं ने सिर फोड़ा
वहीं, वोटिंग से ठीक कुछ घंटे पहले, BJP का 'वॉर रूम', जिसे अक्सर पार्टी की चुनावी मशीनरी का 'हाई-टेक नर्व सेंटर' कहा जाता है, वह पहले से कहीं ज्यादा हलचल भरा नजर आ रहा था। यहां पार्टी की कोर टीम और रणनीतिकारों का एक समूह जमीनी रिपोर्टों का विश्लेषण करने, अहम सीटों की पहचान करने और करीब 40,000 बूथ एजेंटों को फोन करने में व्यस्त था।
बुधवार की सुबह बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। इस चरण में बूथ स्तर पर BJP को तृणमूल के मुकाबले संगठनात्मक रूप से कमजोर माना जा रहा है। बूथ एजेंटों को दिए गए निर्देश एकदम साफ थे, जब तक वोटिंग पूरी न हो जाए, तब तक हर बूथ पर डटे रहना है।
अमित शाह दिल्ली लौट आए
मतदान के पहले चरण के दिन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल में मौजूद थे और प्रचार रैलियों के लिए निकलने से पहले वे कामकाज पर नजर रख रहे थे। शाह सोमवार को भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल और मंगल पांडे जैसे प्रमुख रणनीतिकारों और आयोजकों के साथ दिल्ली लौट गए। लेकिन राज्य के प्रमुख नेता 'वॉर रूम' में ही डटे रहे और सूक्ष्म-स्तरीय प्रबंधन की देखरेख करते रहे।
पहले चरण के विपरीत, जिसमें ऐसे जिले शामिल थे जहां 2021 और 2024 में BJP का दबदबा था, दूसरे चरण में कोलकाता, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना और पुरबा बर्धमान जैसे जिले शामिल हैं, जिन्हें तृणमूल का गढ़ माना जाता है।
