UP 2024 Lok Sabha Election Result: उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर वोटों की गिनती जारी है और रुझान में भारतीय जनता पार्टी को भारी नुकसान होता हुआ नजर आ रहा है। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन रुझान में मजबूत नजर आ रहा है। साल 2019 को लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट पर सिमटने वाली कांग्रेस इस बार आठ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इनमें रायबरेली और अमेठी की सीट शामिल है। रायबरेली से कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी मैदान में हैं और अमेठी से किशोरी लाल शर्मा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से आगे चल रहे हैं। इन दो सीटों के अलावा छह और सीटें हैं, जहां कांग्रेस अपना पंजा मजबूत करती हुई नजर आ रही है और उसके उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
कांग्रेस सहारनपुर, अमरोहा, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, इलाहबाद, कानपुर औकार बाराबंकी लोकसभा सीट पर आगे नजर आ रही है।
- सहारनपुर में इमरान मसूद बीजेपी के राघव लखनपाल से 70614 वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
- अमरोहा में कुंवर दानिश अली बीजेपी के कंवर सिंह तंवर से 6836 वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
- सीतापुर लोकसभा सीट से राकेश राठौड़ बीजेपी के राजेश वर्मा से 80504 वोटों से आगे चल रहे हैं।
- रायबरेली में राहुल गांधी बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह से 201044 लाख वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
- अमेठी में किशोरी लाल बीजेपी की स्मृति ईरानी से 62802 वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
- इलाहबाद सीट से उज्जवल रमन सिंह बीजेपी के नीरज त्रिपाठी से 30630 वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
- बाराबंकी सीट पर तनुज पुनिया बीजेपी के राजरानी रावत से 119605 वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
- कानपुर लोकसभी की सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। यहां से कांग्रेस के आलोक मिश्रा बीजेपी के रमेश अवस्थी से 1991 वोटों से आगे चल रहे हैं।
जारी है वोटों की गिनती
वोटों की गिनती लगातार जारी है और अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, समाजवादी पार्टी 36 सीटों पर आगे चल रही है। बीजेपी 33 सीटों पर आगे है और कांग्रेस 8 सीटों पर बढ़ बनाए हुए है।सपा-कांग्रेस का गठबंधन
लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में इस बार समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने 17 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। 62 सीटों पर समाजवादी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे और एक सीट भदोही की टीएमसी के खाते में गई थी।
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था और उनके खाते में सिर्फ 15 सीटें आई थीं। बीजेपी ने अकेले 62 सीट पर अपनी जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस सिर्फ रायबरेली की ही सीट जीत पाई थी।
