अहंकार की गाड़ी रोक दी, तानाशाही पर हुई लोकतंत्र की जीत... शिवसेना ने सामना में मोदी-शाह पर खूब छोड़े तीर

शिवसेना ने सामना में लिखा- खुद को ईश्वर का अवतार मानने वाले नरेंद्र मोदी का भारतीय जनता ने दारुण पराभव कर दिया है। इसे तानाशाही और भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत कहा जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी का ‘चार सौ पार’ का नारा सूखे पत्तों की तरह उड़ गया है।

लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाने के बाद अब वह विपक्ष के निशाने पर है। खासतौर पर शिवसेना ने परिणामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर नए सिरे से हमला बोला है। शिवसेना ने अपने संपादकीय सामना में भाजपा, पीएम मोदी और अमित शाह पर कई तंज कसे और चुनाव परिणामों को तानाशाही और भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत करार दिया।

सामना में क्या-क्या लिखा

खुद को ईश्वर का अवतार मानने वाले नरेंद्र मोदी का भारतीय जनता ने दारुण पराभव कर दिया है। इसे तानाशाही और भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत कहा जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी का ‘चार सौ पार’ का नारा सूखे पत्तों की तरह उड़ गया है। भारत ने बता दिया कि जनता ही अंत में लोकतंत्र की रक्षक होती है। चार सौ सीटें चुने। नहीं, चार सौ सीट जीतेंगे ही इस अहंकार को आखिरकार भारतीय जनता ने कुचल दिया। वाराणसी में ही जब नरेंद्र मोदी शुरू में पिछड़ गए तो जाहिर हो गया कि भगवान हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने भारत को जेल बना दिया। लोगों को स्वतंत्र रूप से बोलने और कार्य करने की भी स्वतंत्रता नहीं थी। खिलाफ बोलने वालों को सीधे जेल में डाल दिया गया। दिल्ली, झारखंड के बहुमत वाले मुख्यमंत्रियों को सीधे जेल में डालने वाले मोदी-शाह ने भारतीय जनता पार्टी को ‘वॉशिंग’ मशीन बना दिया। देश की सभी पार्टियों के भ्रष्ट नेताओं को भाजपा में लाकर जनता ने ‘आएगा तो मोदी ही’ का नारा लगाने वालों को जगह दिखा दी। लोकसभा चुनाव का नतीजा जनादेश है। क्या नरेंद्र मोदी इस जनादेश का सम्मान करेंगे? पहली सच्चाई तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और तथाकथित एनडीए का बहुमत का आंकड़ा कगार पर है। यानी मोदी जो ‘चार सौ पार’ के रथ पर सवार होना चाहते थे। टायर पंक्चर हुए रिक्शा में बैठकर रायसीना हिल पर घूमना पड़ेगा। देश की तस्वीर साफ है।

End of Feed