नीतीश ने तेजस्वी के साथ जाकर कर दी गलती ! जानें क्यों फेल हो रहा है महागठबंधन फॉर्मूला

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 9, 2022, 10:00 AM IST

Kurhani By Election 2022: नीतीश और तेजस्वी के हाथ मिलाने के बाद महागठबंधन का सबसे पहला टेस्ट नवंबर 2022 के उप चुनाव में हुआ था। उन चुनावों में जद (यू) और राजद के साथ आने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार ने महागठबंधन उम्मीदवार को हरा दिया था।

KEY HIGHLIGHTS
  • पिछले 2 महीने में बिहार में 3 सीटों पर हुए उप चुनाव में 2 सीटों पर भाजपा की जीत हुई है।
  • जबकि महागठबंधन एक सीट पर जीत हासिल कर पाया है।
  • कुढ़नी उप चुनाव में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने प्रचार की कमान संभाल रखी थी।

Kurhani By Election 2022: पहले गोपालगंज के उप चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी की हार, फिर कुढनी विधानसभा उप चुनाव में महागठबंधन के साथ जद(यू) उम्मीदवर मनोज कुशवाहा की हार ने नीतीश कुमार और तेजस्वी के नई जोड़ी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते अगस्त में जब नीतीश कुमार ने भाजपा का दामन छोड़ राजद से हाथ मिलाया था तो यही कयास लगाए जा रहे थे कि अब भाजपा की राज्य में राह आसान नहीं रह गई है। और नीतीश-तेजस्वी की जोड़ी के पास जातीय समीकरणों का ऐसा गठजोड़ है, जिसके बाद वह अजेय हो जाएंगे। इस भरोसे की वजह भी इसलिए थी क्योंकि राज्य का इतिहास ऐसा रहा है कि जिस दल के साथ नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया, उसके लिए राज्य में जीत हासिल करना बेहद आसान हो गया था।

Nitish Kumar And Tejashwi Yadav

नीतीश-तेजस्वी को झटके पर झटका

गोपालगंज सीट और कुढ़नी की हार ने उठाए सवाल

नीतीश और तेजस्वी के हाथ मिलाने के बाद महागठबंधन का सबसे पहला टेस्ट नवंबर 2022 के उप चुनाव में हुआ था। उन चुनावों में जद (यू) और राजद के साथ आने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार कुसुम देवी ने राजद उम्मीदवार मोहन लाल गुप्ता को 1794 वोटों से हरा दिया था। यह महागठबंधन के लिए पहला झटका था। और अब कुढनी उप चुनाव में भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता 3649 वोट से जीत गए। इस बार महागठबंधन 7 दलों के साथ मिलकर जद (यू) उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह को मैदान में उतारा था। कुढनी की हार महागठबंधन के लिए दूसरा झटका है।

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