Rajasthan Assembly Election 2023: प्रताप सिंह खाचरियावास राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री हैं। खाचरियावास राजस्थान सरकार में ही परिवहन मंत्री भी रह चुके हैं। 2018 विधानसभा चुनाव में उन्होंने जयपुर सिविल लाइंस से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। खाचरियावास मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं और इन्होने अपनी सियासी यात्रा राजस्थान यूनिवर्सिटी से शुरू की थी। 1992 में ये छात्र राजनीति में आए और पहले ही चुनाव में सफलता हासिल की।
प्रताप सिंह खाचरियावास
भैरोसिंह शेखावत के भतीजे
प्रताप सिंह खाचरियावास का जन्म 16 मई, 1969 को जोधपुर, राजस्थान में हुआ था। पिता का नाम लक्ष्मण सिंह शेखावत और माता का नाम हिम्मत कंवर है। प्रताप खाचरियावास राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के भतीजे हैं। पत्नी का नाम नीरज कंवर हैं और इनके दो बेटे आदित्य वर्धन सिंह खाचरियावास और कृष्ण वर्धन सिंह खाचरियावास हैं।
सियासी यात्रा बीजेपी से शुरू
प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपनी सियासी यात्रा बीजेपी से शुरू की थी। खाचरियावास बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मगर साल 2004 में अपनी अवहेलना का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद खाचरियावास कांग्रेस में शामिल हो गए थे। तब से वह कांग्रेस में ही बने हुए हैं। कांग्रेस ने उन्हें 2008 में सिविल लाइंस, जयपुर से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की थी।
2013 में मिली थी हार
खाचरियावास साल 2008 से 2013 तक सिविल लाइंस जयपुर से विधायक रहे, लेकिन 2013 में मोदी लहर में उन्हें हार झेलनी पड़ी। उसके बाद साल 2018 में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की एक बार फिर से वापसी हुई। इसके साथ ही खाचरियावास दूसरी बार विधायक बने। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने पर खाचरियावास को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बनाया गया। खाचरियावास साल 2015 में राजस्थान प्रदेश कमिटी के प्रवक्ता और जयपुर कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस बार भी उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है।
