Rajasthan Election Result 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। राज्य की सत्ता में बैठी अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार को आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने उखाड फेंका। भाजपा ने 199 में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की है, वहीं कांग्रेस 69 पर सिमट गई। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस जीत से गदगद है। भाजपा की यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई चेहरे, अमित शाह की अचूक रणनीति, जेपी नड्डा के संगठनात्मक कौशल और पार्टी कैडर की कड़ी मेहनत का नतीजा है। इनके अलावा पार्टी के जयपुर मुख्यालय में बैठा एक शख्स पर्दे के पीछे बैठकर राजस्थान में भाजपा के लिए जीत की स्क्रिप्ट लिख रहा था।
Chandrashekhar, State Organization Sec., BJP Rajasthan
पीएम मोदी की जीत के साथी
इस शख्स का नाम है चंद्रशेखर, जो भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के महामंत्री संगठन हैं। चंद्रशेखर आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे हैं और सितंबर 2017 से राजस्थान में एक्टिव हैं। प्रदेश में मोर्चा संभालने से पहले चंद्रशेखर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उससे पहले काशी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। साल 2014 में चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर बनारस सीट पर उनकी जीत के सारथी बने।
इतना ही नहीं, उन्होंने काशी क्षेत्र में लोकसभा की सभी सीटों को जीतने के लिए ऐसी कुशल रणनीति बनाई कि विपक्षी पार्टियां धराशायी हो गईं। इसके बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपने सांगठनिक कौशल का लोहा मनवाया जब पश्चिमी यूपी में भाजपा ने मजबूत किलेबंदी की। पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस व पश्चिम यूपी में कमल खिलाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह भी उनके मुरीद हो चुके हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष कई बार चंद्रशेखर की पीठ थपथपा चुके हैं।
Chandrashekhar, BJP Rajasthan
ऐसे हासिल हुई राजस्थान में जीत
2014 में बनारस में बतौर सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड जीत को साकार रूप देने वाले रणनीतिकार, आज राजस्थान में भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने जिस उद्देश्य से राजस्थान में भेजा गया, वह आज सफल हो गया। 2017 में केंद्र और राज्य सरकार के बीच मतभेद की अक्सर खबरें सुनी जाती थीं। राजस्थान में 9 साल से संगठन महामंत्री का पद रिक्त था। राजस्थान में पार्टी, संगठन और कोई भी निर्णय एक ही व्यक्ति पर निर्भर था। यही वजहें थीं कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता से बाहर हो गई। राजस्थान पहुंचने के बाद चंद्रशेखर ने राजस्थान भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त कर दिया।
2017 में प्रदेश की कमान संभालने के बाद जब कांग्रेस सत्ता में आई तो वह अलग ही रणनीति के तहत पार्टी की नींव को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गए। यही कारण हैं कि अब वह मंझे हुए खिलाड़ी के समान प्रदेश की रणनीति को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने हर विधानसभा में विस्तारक भेजे। साथ ही बूथ, पेज व पन्ना फोटो युक्त कमेटी का पूरे प्रदेश में गठन किया। इन कमेटी की मदद से एक-एक विधानसभा में संगठन को नए सिरे से खड़ा किया। इसी नीति से केंद्र और प्रदेश भाजपा ने लगातार पांच वर्ष बूथ स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखा।
सांगठनिक कौशल के मुरीद हैं पीएम
राजस्थान में चंद्रशेखर ने सबसे पहले पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और नागरिक संगठनों को पार्टी और इसकी विचारधारा जोड़ने का काम किया। उन्होंने पार्टी से नाराज सामाज और संगठनों को एकजुट किया गया और समाज के हर वर्ग के नए लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा। चंद्रशेखर ने 6 साल में कार्यकर्ताओं और पार्टी को एक कड़ी में लाकर खड़ा कर दिया है।
उसकी बदौलत आज राजस्थान में भाजपा संगठन के पास 52 हजार फोटो युक्त बूथ अध्यक्ष की टीम के साथ हर बूथ का पूरा मैनेजमेंट है। भाजपा संगठन, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह उनके राजनीतिक कौशल के मुरीद हैं। राजस्थान में प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद जब कई सीटों पर नाराजगी की खबर आई तो रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने में चंद्रशेखर ने भूमिका निभाई और कार्यकर्ताओं को को एकजुट करने का काम किया। कई सीटों पर निर्दलीय पर्चा भरने जा रहे भाजपाइयों से बात कर उन्हें मनाया।
माइक्रो मैनेजमेंट में माहिर हैं चंद्रशेखर
संगठन महामंत्री चंद्रशेखर खुद मंडल से लेकर जिलास्तर के कार्यकर्ताओं, पन्ना प्रमुखों, विस्तारकों और प्रवासियों से सीधे संपर्क कर फीडबैक लेते रहे। कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर वह बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट करते रहे। विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण के लिए उन्होंने जिला, मंडल और संभाग स्तर पर फीडबैक लिया और उसके बाद ही प्रत्याशी तय किए। उन्होंने डिजिटल तंत्र को भी बूथ स्तर तक खड़ा किया, ताकि पार्टी की बात जन जन तक पहुंचे।
इसके तहत फेसबुक पर पार्टी के पौने तीन मिलियन फॉलोअर्स हैं जबकि ट्वीटर पर 9 लाख फॉलोअर्स हैं। पूरे प्रदेश में पार्टी के द्वारा 66 हजार वाट्सअप ग्रुप संचालित हैं जिनके माध्यम से लाखों की संख्या में वाट्सग्रुप बनाकर उसके माध्यम से लोगों को पार्टी से कनेक्ट कराया। सात संभाग में आधुनिक कॉल सेंटर्स साथ हर विधानसभा में अलग से कॉल सेंटर तैयार कर उन्हें अस्तित्व में लाए, ताकि जनता और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क और समन्वय रहे। इसी प्रकार नवमतदाता अभियान चलाकर करीब 25 लाख नए मेंबर बनाए।
