Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए नामांकन खत्म होने से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने यूपी में अपनी दो सबसे मजबूत सीटों अमेठी व रायबरेली में प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। दोनों ही सीटों पर नए चेहरों को उतारा गया है। राहुल गांधी जहां रायबरेली से चुनाव लड़ेंगे तो गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा को अमेठी से उतारा गया है। जबकि, अमेठी से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा थी। हालांकि, लिस्ट में उनका नाम नहीं होने से कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व महासचिव जयराम रमेश के प्रियंका गांधी के उपचुनाव लड़ने संबंधी बयान ने नए समीकरणों की ओर चर्चा का रुख मोड़ दिया है।
प्रियंका गांधी
जयराम रमेश ने क्या कहा?
जयराम रमेश ने कहा है कि राहुल गांधी जी की रायबरेली से चुनाव लड़ने की खबर पर बहुत सारे लोगों की बहुत सारी राय हैं, लेकिन वह राजनीति और शतरंज के मंजे हुए खिलाड़ी हैं और सोच समझ कर दांव चलते हैं। ऐसा निर्णय पार्टी के नेतृत्व ने बहुत विचार विमर्श करके बड़ी रणनीति के तहत लिया है। इस निर्णय से BJP, उनके समर्थक और चापलूस धराशायी हो गये हैं। बेचारे स्वयंभू चाणक्य जो परंपरागत सीट की बात करते थे, उनको समझ नहीं आ रहा अब क्या करें? जयराम रमेश ने आगे कहा है कि प्रियंका जी धुआंधार प्रचार कर रही हैं और अकेली नरेंद्र मोदी के हर झूठ का जवाब सच से देकर उनकी बोलती बंद कर रही हैं। इसीलिए यह ज़रूरी था कि उन्हें सिर्फ़ अपने चुनाव क्षेत्र तक सीमित ना रखा जाए। प्रियंका जी तो कोई भी उपचुनाव लड़कर सदन पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा, शतरंज की कुछ चालें बाक़ी हैं, थोड़ा इंतज़ार कीजिए।
इस बयान के मायने क्या?
एक बात तो साफ है कि राहुल गांधी अगर चुनाव जीतते हैं तो वायनाड और रायबरेली में से उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी। दोनों ही सीटें गांधी परिवार का गढ़ भी रही हैं। ऐसे में अगर राहुल गांधी किसी एक सीट का चुनाव करते हैं तो स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी उठानी पड़ सकती है। चुनाव जीतने के बाद रायबरेली छोड़ने से उत्तर भारत में गांधी परिवार की साख को झटका लगेगा, तो वहीं वायनाड छोड़ने का नुकसान केरल के आगामी विधानसभा चुनाव में हो सकता है। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांधी को रिजर्व में रखा है। जयराम रमेश के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि राहुल गांधी के एक सीट छोड़ने पर वहां प्रियंका गांधी को उपचुनाव लड़ाया जा सकता है। इससे गांधी परिवार की साख भी बनी रहेगी और चुनाव में भी उसे कोई नुकसान नहीं होगा।
पीएम मोदी पर भी बोला हमला
जयराम रमेश ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, रायबरेली सिर्फ़ सोनिया जी की नहीं, ख़ुद इंदिरा गांधी जी की सीट रही है। यह विरासत नहीं ज़िम्मेदारी है, कर्तव्य है। रही बात गांधी परिवार के गढ़ की, तो अमेठी-रायबरेली ही नहीं, उत्तर से दक्षिण तक पूरा देश गांधी परिवार का गढ़ है। राहुल गांधी तो तीन बार उत्तरप्रदेश से और एक बार केरल से सांसद बन गये, लेकिन मोदी जी विंध्याचल से नीचे जाकर चुनाव लड़ने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पाये? एक बात और साफ़ है कि कांग्रेस परिवार लाखों कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं उनकी आकांक्षाओं का परिवार है। कांग्रेस का एक साधारण कार्यकर्ता ही बड़े बड़ों पर भारी है।
