Om Prakash Rajbhar: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) देश भर में लागू होने के बाद विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा है। कई राज्यों ने कहा है कि वह इसे अपने यहां लागू नहीं करेंगे। विपक्षी नेताओं के इस विरोध एवं सीएए पर उनके रुख को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ खास बातचीत की और विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीएए वापस नहीं होगा और देश के अल्पसंख्यकों को इस कानून से डरने की जरूरत नहीं है। यह कानून नागरिकता देने वाला है। सीएए के विरोध पर NDA के सहयोगी दल भी विपक्ष को निशाने पर ले रहे हैं
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर।
बेवजह सीएए को दे रहे हवा-राजभर
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को कहा कि ''विपक्ष के लोग बिना वजह सीएए को हवा दे रहे हैं। पहले उन्हें पढ़ना चाहिए। इस कानून में साफ-साफ लिखा हुआ है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हुए लोग लंबे समय से भारतीय नागरिकता की मांग कर रहे थे, उन लोगों के लिए यह कानून बना है। गैर-मुस्लिम छह जातियों को नागरिकता देने की बात है। मैं तो यूपी में अल्पसंख्यक भाइयों से कहूंगा कि जो अधिकार यहां हिंदुओं का है, वही अधिकार उनका भी है। उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। इस कानून से मुस्लिम भाइयों को कोई आंच नहीं आने वाला है।'
केजरीवाल पर निशाना साधा
राजभर ने कहा, 'विपक्ष के लोग पढ़ते नहीं हैं, केवल वोट की राजनीति के लिए इसे हवा दे रहे हैं। सच्चाई सामने आने पर विपक्ष को पता लग जाएगा कि वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं।' चुनाव को देखते हुए बयानबाजी कर रहे हैं।' सीएए पर केजरीवाल के बयान पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि वह दिल्ली के मुखिया हैं। उन्हें बाहर से आए लोगों को नौकरी और रोजगार देना चाहिए। सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी, वह सभी को न्याय देगी।
ममता का दावा-NRC से जुड़ा है CAA
सीएए का सबसे ज्यादा विरोध पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रही हैं। ममता ने बुधवार को कहा कि सीएए राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जुड़ा हुआ है, इसलिए वह इसका विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह असम जैसे हिरासत केंद्र (डिटेंशन कैंप) पश्चिम बंगाल में नहीं चाहती हैं। बनर्जी ने यह भी दावा किया कि सीएए लोकसभा चुनाव से पहले एक राजनीतिक चाल है।
