सिंधिया की अग्निपरीक्षा: शाही शख्सियत जो बन गया समर्पित पार्टी कार्यकर्ता...वफादारों पर टिका दारोमदार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 27, 2023, 11:58 AM IST

आगामी चुनाव सिंधिया के लिए किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं होगा जब उनके वफादार चुनावी मैदान में उतरकर एक नया अध्याय लिखने की कोशिश करेंगे।

Jyotiraditya Scindia: आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में बड़ा सियासी घमासान होने जा रहा है। इस चुनावी गाथा के केंद्र में रहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिन्हें कभी महाराजा के नाम से भी जाना जाता था। आज वह भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पार्टियों में एक नेता-कार्यकर्ता के तौर पर काम कर चुके हैं जो उनकी राजनीतिक छवि और रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। आगामी चुनाव उनके लिए किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं होगा जब उनके वफादार चुनावी मैदान में उतरकर एक नया अध्याय लिखने की कोशिश करेंगे।

Jyotiraditya scindia

ज्योतिरादित्या सिंधिया की अग्निपरीक्षा

शाही शख्सियत से बने समर्पित पार्टी कार्यकर्ता

एक शाही शख्सियत से एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सिंधिया का कायापलट भाजपा की विचारधारा के साथ जुड़ने की उनकी कोशिशों को दर्शाता है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने रणनीतिक रूप से सिंधिया के वफादारों को अपनी उम्मीदवार सूची में शामिल किया है, जो पिछली चुनावी रणनीतियों से हटकर है। सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुए 25 प्रमुख वफादारों में से 18 को पार्टी ने मैदान में उतारा है। हालांकि, 2020 में उपचुनाव जीतने वाले सात लोगों को अपना टिकट खोना पड़ा है, जिनमें ओपीएस भदोरिया और रक्षा सनोरिया जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। उम्मीदवारों का यह फेरबदल मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक और बदलती रणनीति को बयां करता है।

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