MP Chunav: 'खाटला बैठकों' और 'हाट जुलूसों' से गुजरता है विधानसभा पहुंचने का रास्ता; समझें झाबुआ का गणित

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 12, 2023, 02:36 PM IST

MP Election Jhabua: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में झाबुआ का सियासी गणित समझाते हैं। यहां विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता में 'खाटला बैठकों' और 'हाट जुलूसों' से होकर गुजरता है। मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उम्मीदवार की ओर से 'खाटला बैठकों' और हाट बाजारों में निकाले जाने वाले जुलूसों का जमकर सहारा लिया जा रहा है।

Madhya Pradesh Chunav News: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान शहरी इलाकों में चुनाव प्रचार के लिए जहां सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों का जोर बढ़ता जा रहा है, वहीं आदिवासियों के लिए आरक्षित झाबुआ निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों के जनसंपर्क अभियान पर पारंपरिक छाप बरकरार है। झाबुआ के दूरस्थ क्षेत्रों की छितराई आबादी में रहने वाले मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उम्मीदवार की ओर से "खाटला बैठकों" और हाट बाजारों में निकाले जाने वाले जुलूसों का जमकर सहारा लिया जा रहा है।

MP Chunav Kamal Nath Vs Shivraj

झाबुआ में जीत के लिए दोनों पार्टियों ने झोंकी ताकत।

झाबुआ में बढ़ गई ऐसी बैठकों की तादाद

भील आदिवासियों के गढ़ झाबुआ की स्थानीय बोली में खाट यानी चारपाई को "खाटला" कहा जाता है। खाट पर बैठकर मतदाताओं के साथ किए जाने वाले सीधे संवाद को "खाटला बैठकों" के नाम से जाना जाता है और 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों का प्रचार चरम पर पहुंचने पर झाबुआ में ऐसी बैठकों की तादाद बढ़ गई है। झाबुआ के ग्रामीण क्षेत्र में शाम ढलने के बाद शुरू हुई एक हालिया "खाटला बैठक" के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी विक्रांत भूरिया ने "पीटीआई-भाषा" से कहा, 'खाटला बैठक आदिवासियों की संस्कृति से जुड़ी है। यह केवल चुनावी दौर की बात नहीं है। लोग आम दिनों में भी चारपाई पर बैठकर आपसी चर्चा के जरिये तमाम मसले सुलझाते हैं।' उन्होंने कहा कि हाट बाजार भी झाबुआ के आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक मेल-जोल का बड़ा जरिया है।

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