Milkipur Bypoll: अयोध्या जिले के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर न सिर्फ पूरे देश की नजर रहेगी। यह सीट इन मायनों में अहम है कि यहां से समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को झटका देकर उसकी इस धारणा को तोड़ दिया था कि अयोध्या में बीजेपी का ही परचम लहराएगा। अयोध्या राम मंदिर आंदोलन ने बीजेपी को नई ताकत दी थी और उसने जमीनी स्तर पर लोकप्रियता हासिल कर पूरे देश में एक मजबूत वोट वैंक आधार तैयार किया। लेकिन उसी अयोध्या में बीजेपी को दोहरी हार मिली। पहले तो सपा के हाथों मिल्कीपुर विधानसभा सीट गंवाई फिर लोकसभा चुनाव 2024 में फैजाबाद सीट भी गंवा दी। ऐसे में यह सीट बीजेपी के लिए साख का सवाल बन गई है। अगर उसने दोबारा ये सीट गंवाई तो उसका हौसला तो टूटेगा ही विपक्ष के तेवरों में भी तीखापन आएगा। वहीं, अखिलेश की पार्टी ने फैजाबाद सीट जीतकर अपना हौसला बुलंद किया है और संसद में अवधेश प्रसाद को आगे रखकर इसकी बानगी अक्सर दिखाती रही है। 8 फरवरी को जब नतीजे आएंगे तो पता चलेगा कि सीएम योगी भारी पड़े हैं या अखिलेश ने अपना दम दिखाया है।
मिल्कीपुर में जबरदस्त सियासी जंग
2022 में सपा के अवधेश प्रसाद जीते
मिल्कीपुर से 2022 में समाजवादी पार्टी के चिह्न पर अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद अवधेश प्रसाद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) से चुनाव जीता और फिर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। उप चुनाव में अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जहां एक तरफ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी, वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भी यहां मतदाताओं को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक तरह से यह उपचुनाव सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच सर्वोच्चता की लड़ाई है।
10 उम्मीदवार मैदान में, बसपा चुनाव से दूर
उपचुनाव में मिल्कीपुर सीट पर दस उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने चुनाव से दूरी बनाई है। अलबत्ता कांग्रेस ने सपा को समर्थन दिया है। इस चुनाव में भाजपा ने चंद्रभानु प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि उनके मुकाबले समाजवादी पार्टी ने सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मौका दिया है। अयोध्या के राजनीतिक जानकार कहते हैं कि इस उप चुनाव में भाजपा ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाकर राष्ट्रवाद का नारा दिया है।
नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी मिल्कीपुर में अपना उम्मीदवार उतारा है। जानकारों का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के अवधेश प्रसाद की फैजाबाद (अयोध्या) पर जीत को भाजपा के लिए झटके के रूप में देखा गया और इस हार से उबरने के लिए पार्टी उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए पूरा दमखम लगा रही है।
अखिलेश का आरोप
चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने नौ सीटों पर पिछले वर्ष उपचुनाव कराया, लेकिन हार के डर से मिल्कीपुर सीट का चुनाव टाल दिया था। भाजपा जानती थी कि मिल्कीपुर के लोग समाजवादियों का साथ कभी नहीं छोड़ सकते, इसलिए उन्होंने सुनिश्चित किया कि चुनाव टल जाए। लेकिन जो लोग चुनाव से भागेंगे, जनता उन्हें मिल्कीपुर से बाहर निकालने का काम करेगी।
दलित लड़की की हत्या पर रो पड़े अवधेश प्रसाद
वहीं, अयोध्या में 22 वर्षीय एक दलित युवती की हत्या के मामले को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान सांसद प्रसाद रो पड़े थे। पत्रकारों से बात करते हुए भावुक हुए प्रसाद बोले, मैं उसे बचाने में असफल रहा।
आदित्यनाथ ने बताया नौटंकी
वहीं, मिल्कीपुर में उसी दिन रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नौटंकी करार दिया था और कहा था कि इस मामले की जांच जब नीचे तक जाएगी तो उसमें भी समाजवादी पार्टी का ही कोई दरिंदा निकलेगा। अयोध्या पुलिस ने सोमवार को दलित महिला की हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार किया है। मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने पिछले बृहस्पतिवार को मिल्कीपुर में रोड शो किया था। मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए मतगणना आठ फरवरी को होगी।
