Lok Sabha Chunav 2024, Wayanad: वायनाड के किले में राहुल गांधी को मिलेगी कड़ी चुनौती, जानें इस सीट का इतिहास और यहां के जातीय समीकरण

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 18, 2024, 04:37 PM IST

Lok Sabha Chunav 2024, Wayanad Lok Sabha Seat: राहुल गांधी को वायनाड से फिर से प्रत्याशी बनाए जाने की बड़ी वजह वायनाड में कांग्रेस की मजबूत किलेबंदी है। दरअसल, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे कांग्रेस की मजबूत पकड़ वाले राज्यों से घिरी इस सीट पर कांग्रेस का लंबे समय से कब्जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इस सीट पर कितनी ताकतवर है, इसका जवाब पिछले तीन लोकसभा चुनावों में देखने को मिलता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • 2009 से वयनाड में है कांग्रेस का कब्जा।
  • 2019 में राहुल गांधी ने 4 लाख से ज्यादा वोटों से जीता था चुनाव।
  • इस बार सीपीआई प्रत्याशी एनी राजा के खड़े होने से रोमांचक हुआ मुकाबला

Lok Sabha Chunav 2024, Wayanad Lok Sabha Seat: केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें वायनाड भी एक है। इस सीट से कांग्रेस ने राहुल गांधी को एक बार फिर प्रत्याशी बनाया है। पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने इस सीट पर रिकॉर्ड जीत हासिल की थी। उन्होंने करीब 4 लाख वोटों से अपने निकटतम प्रत्याशी को हराया था। हालांकि, इस बार राहुल गांधी के लिए मुकाबला इतना आसान नहीं है। दरअसल, सीपीआई ने यहां दिग्गज नेता और सीपीआई महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में वायनाड लोकसभा सीट पर मुकाबला काफी रोमांचक हो गया है।

Wayanad

वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का इतिहास

राहुल गांधी को वायनाड से फिर से प्रत्याशी बनाए जाने की बड़ी वजह वायनाड में कांग्रेस की मजबूत किलेबंदी है। दरअसल, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे कांग्रेस की मजबूत पकड़ वाले राज्यों से घिरी इस सीट पर कांग्रेस का लंबे समय से कब्जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इस सीट पर कितनी ताकतवर है, इसका जवाब पिछले तीन लोकसभा चुनावों में देखने को मिलता है। आइए जानते हैं वायनाड लोकसभा सीट का इतिहास क्या है? यह सीट कांग्रेस के खाते में कब से है? राहुल गांधी का पिछले चुनाव में क्या प्रदर्शन रहा था? इस बार मुकाबला रोमांचक क्यों माना जा रहा है और वायनाड सीट के जातीय समीकरण क्या हैं?...

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