Lok Sabha Election 2024 Result Streaming (लोकसभा इलेक्शन 2024 लाइव टेलीकास्ट का सीधा प्रसारण:
इस बार एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला।
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे चार जून को आएंगे। चुनाव आयोग ने कहा है कि मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हो जाएगी। पहले बैलेट पेपर के वोट गिने जाएंगे। इसके बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) से वोटों के गिनने का काम शुरू होगा। चुनाव नतीजों को जानने की लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए टाइम्स नाउ नवभारत अपनी वेबसाइट पर नतीजों से जुड़ा हर ताजा अपडेट्स और प्रत्येक सीट की जानकारी देगा। आप टाइम्स नाउ नवभारत की वेबसाइट के अलावा उसके अन्य मीडिया प्लटफॉर्मों पर चुनाव नतीजों से जुड़ी सभी जानकारियां और अपडेट्स पा सकेंगे। चुनाव आयोग के नतीजों से जुड़े हर आंकड़े को हम अपने मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पेश करेंगे।
इन प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध होंगे ताजा अपडेट्स
एक जून की शाम साढ़े छह बजे के बाद आप टाइम्स नाउ नवभारत चैनल, उसकी वेबसाइट https://www.timesnowhindi.com/ और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आप सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सीटों के चुनाव नतीजे देख पाएंगे। टाइम्स नाउ नवभारत पर आपको सबसे सटीक चुनाव नतीजे दिखाएगा। यहां हम टाइम्स नाउ नवभारत की वेबसाइट का लिंक और उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों का लिंक दे रहे हैं-
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मतगणना के कुछ तथ्य
अठारहवीं लोकसभा के लिए संपन्न मतदान के बाद मंगलवार को मतों की गिनती की जाएगी। यहां इस प्रक्रिया पर एक संक्षिप्त नजर डालते हैं। निर्वाचन संचालन नियमावली 1961 के नियम 54ए के तहत निर्वाचन अधिकारी (आरओ) की टेबल पर सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाती है। केवल उन्हीं डाक मत्रों की गिनती होगी जो आरओ के पास मतों की गिनती शुरू होने की तय समय सीमा से पहले चुके हैं। डाक मत पत्रों की गिनती शुरू होने के 30 मिनट के बाद ईवीएम के जरिये डाले गए मतों की गिनती शुरू की जानी चाहिए।
नेताओं ने प्रचार में ‘जाति और धर्म’ का इस्तेमाल किया
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि इस साल का चुनाव ‘सबसे अधिक ध्रुवीकरण वाले चुनावों में एक’है जिसमें विभिन्न दलों ने वोट हासिल करने के लिए ‘जाति और धर्म’का जमकर इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का जोर विभिन्न पिछड़ी जातियों को हिंदुत्व के खेमे में एकीकृत करने पर रहा, तो वहीं दूसरी ओर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने सत्ता में आने पर जातिगत सर्वेक्षण कराने का वादा कर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के वोट हासिल करने की कोशिश की। चुनाव सुधारों पर काम करने वाले गैर लाभकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) के सह-संस्थापक जगदीप छोकर ने कहा कि यह चुनाव अब तक के सबसे अधिक ध्रुवीकृत चुनावों में से एक है।
