Hyderabad Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से माधवी लता को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे हैदराबाद सीट अचानक से काफी सुर्खियों में आ गई है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अभी यहां से सांसद हैं। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से माधवी लता को इस बात की उम्मीद है कि वे ओवैसी को कड़ी चुनौती देंगी, क्योंकि ओवैसी जहां धर्म के आधार पर चुनाव लड़ना जानते हैं, वहीं वे विकास को अपनी प्राथमिकता देंगी।
ओवैसी vs माधवी लता की जंग पर क्या बोले बीजेपी विधायक टी राजा।
ओवैसी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी सकती हैं माधवी लता
बीजेपी को भी उम्मीद है कि माधवी लता की उम्मीदवारी हैदराबाद सीट पर ओवैसी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी सकती हैं। सामाजिक कार्यकर्ता होने और तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं के बीच काम करने की वजह से माधवी लता की मुस्लिम महिलाओं के बीच में भी अच्छी पैठ है। जिससे मुस्लिम महिलाओं के साथ उनका कनेक्ट होना आसान हो सकेगा। माधवी लता का कहना है कि जो काम अब तक ओवैसी नहीं कर पाएं हैं, वे उन्हें पूरा करेंगी। अपनी उम्मीदवार का ऐलान होते ही माधवी लता अपने प्रतिद्धंदी ओवैसी पर जमकर बरस रही हैं।
भाजपा विधायक टी राजा का दावा- ओवैसी अब रोएंगे
वहीं माधवी लता की उम्मीदवारी को लेकर हैदराबाद संसदीय क्षेत्र की गोशामहल विधानसभा सीट से विधायक टी राजा ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि माधवी लता के चुनावी मैदान में उतरने से ओवैसी का चुनाव जीतना अब कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ओवैसी अब रोएंगे। माधवी लता की उम्मीदवारी और औवैसी को लेकर टी राजा ने हमारे चैनल टाइम्स नाउ से बात की।
टी राजा ने कहा कि बीजेपी ने एक बहुत अच्छे उम्मीदवार को उतारा है जो कई सालों से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं और उनकी छवि बहुत अच्छी है। यदि इस बार ईमानदारी से चुनाव लड़ते हैं तो इस बार उनका चुनाव जीतना कठिन है। टी राजा का दावा है कि ओवैसी पुलिस को अपने कंट्रोल में रखते हैं, बूथ कैप्चरिंग करते हैं और वहां बोगस वोटिंग होती है जो उनकी जीत का कारण बनता है। यदि इस बार प्रशासन सख्ती दिखाए और हर बूथ पर सेंट्रल फोर्स लग जाए तो ओवैसी को हारने से कोई नहीं रोक सकता। इस तरह बीजेपी इस संसदीय सीट को जीत सकती है।
ओवैसी से आज मुसलमान भी करते हैं नफरत- टी राजा
टी राजा ने कहा कि ओवैसी से आज मुसलमान भी नफरत करते हैं, क्योंकि वे केवल धर्म की राजनीति करते हैं, मुसलमानों को भड़काकर उनके वोट लेते हैं। जबकि विकास की बात करें तो उन्होंने पुराने शहर का कोई विकास नहीं किया है। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव में भी ओवैसी को कड़ी टक्कर मिली। तीन विधानसभा में कड़ी टक्कर की लड़ाई हुई। उनके तीन विधायक चुनाव हार सकते थे। इससे ओवैसी समझ गए हैं कि अब धर्म की राजनीति हैदराबाद में नहीं चल सकती, अब विकास की राजनीति ही चलेगी। यदि सचमुच पुराने शहर के मुसलमान अब विकास चाहते हैं तो वे बीजेपी को चुनेंगे न कि औवैसी को।
टी राजा के दावे में कितना दम है और माधवी लता ओवैसी को कितना चुनौती दे पाएंगी यह तो नतीजे ही बताएंगे, लेकिन इतना जरूर है कि माधवी लता की उम्मीदवारी ने ओवैसी को टेंशन में तो जरूर डाल दिया है और चुनाव से बहुत पहले ही हैदराबाद एक हॉट सीट बन गई है।
