नीलांबुर विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को तीन उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल करने के बाद मुकाबला रोचक हो गया है और अब चार प्रमुख उम्मीदवार आमने-सामने हैं। यहां इंडिया गठबंधन के सहयोगियों ने ही तीन उम्मीदवार उतार दिए हैं। वाम मोर्चा और कांग्रेस की तो यहां लड़ाई है ही, टीएमसी की भी यहां एंट्री हो गई है। चौथे प्रमुख उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी के मोहन जॉर्ज ने उपचुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है।
माकपा के एम स्वराज पर्चा भरते हुए (फोटो- CPIMKerala)
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वाम और कांग्रेस के उम्मीदवार
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता एवं वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उम्मीदवार एम स्वराज ने समर्थकों के एक समूह के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य ए विजयराघवन, मंत्री वी अब्दुरहीमान और अन्य वामपंथी नेता भी थे। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के उम्मीदवार आर्यदान शौकत ने 31 मई को अपना नामांकन दाखिल किया था।
टीएमसी ने कर दिया खेला
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के राज्य समन्वयक पी.वी अनवर ने उपचुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए रोड शो निकालने के बाद अपना नामांकन दाखिल किया । कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा खारिज किए जाने के बाद अनवर ने एक नया राजनीतिक गठबंधन - जनाकिया प्रतिपक्ष प्रतिरोध मुन्नानी (जेपीपीएम) का ऐलान करने के बाद अपना नामांकन दाखिल किया। अनवर ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) गठबंधन में शामिल होगी। हालांकि, ‘आप’ ने आधिकारिक तौर पर अनवर को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इसके कार्यकर्ता नेहरू टोपी पहने और पार्टी के झंडे लहराते हुए तृणमूल नेता के प्रति समर्थन जताने के लिए तालुक कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए।
नीलांबुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता वकील मोहन जॉर्ज ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से अपना नामांकन दाखिल किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और शोभा सुरेंद्रन और भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) प्रमुख तुषार वेल्लापल्ली सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
