Karnataka Polls 2023: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई, 2023 को मतदान से पहले मंगलवार (नौ मई, 2023) को सूबे के विभिन्न हिस्सों में भगवान हनुमान का पाठ हुआ। बेंगलुरू और अन्य शहरों में इस दौरान मंदिर में एक ओर जहां बीजेपी वालों ने हनुमान चालीसा पाठ में हिस्सा लिया। वहीं, दूसरी ओर बजरंग दल कार्यकर्ताओं की ओर से बाइक रैली निकाली गई। हैरत की बात यह है कि यह रैली तब निकाली गई, जब वहां पर धारा 144 लागू थी।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सदस्य अभिषेक ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया- हमें और हमारे सदस्यों को चुनावी आयोग की टीम की ओर से हनुमान चालीसा के पाठ से रोका गया। यह कार्रवाई बेंगलुरू के विजय नगर में की गई और इस दौरान हमें चुनाव के लिहाज से सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने का हवाला दिया गया था।
ईसी के अफसरों ने विहिप के सदस्यों से इसके साथ ही यह भी कहा कि वे विजय नगर में मंदिर के बाहर न करें, क्योंकि वहां पर पांच से अधिक लोग नहीं जमा हो सकते हैं। उन्होंने इसके साथ ही उन्हें चेताया कि अगर वे प्रोग्राम जारी रखेंगे तो उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।
दरअसल, कर्नाटक में करीब एक माह चले प्रचार अभियान के बाद 10 मई, 2023 को प्रदेश की जनता की बारी आई है, जब वे लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद करेंगे।
आगे 13 मई को चुनावी परिणाम जारी किए जाएंगे, जिससे पता चलेगा कि कर्नाटक की सत्ता का ताज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बरकरार रख पाती है या कांग्रेस उससे यह ताज छीनने में सफल रहती है या फिर तीसरी ताकत के रूप में जनता दल (सेक्युलर) इसकी कुंजी अपने पास रखता है।
वैसे, सियासी जानकार इस (वोटिंग से पहले भगवान हनुमान का राग) कदम को अलग तरीके से देखते हैं। उनका मानना है कि हनुमान के नाम पर सूबे में ये हिंदूवादी संगठन वोटरों को लुभाना चाहते हैं और कहीं-न-कहीं इसका लाभ चुनावी परिणाम में बीजेपी को मिल सकता है।
