Karnataka Assembly Elections 2023: चुनाव से पहले बड़े से लेकर छोटे नेताओं की दलबदली आम बात है। ऐसा हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिला और अब कर्नाटक में भी यही हो रहा है। पहले कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तो अब उठापटक भाजपा में मची हुई है। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जगदीश शिवप्पा शेट्टार की हो रही है। सोमवार को वह पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए।
पीएम मोदी व अमित शाह
लगातार छह बार से विधायक इस दिग्गज नेता के भाजपा छोड़ने के बाद पार्टी को नफा-नुकसान की खूब बात हो रही है। कहा जा रहा है कि शेट्टार कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा का खेल बिगाड़ सकते हैं। यह बात काफी हद तक सही भी हो सकती है क्योंकि शेट्टार कर्नाटक में लिंगायत समुदाय के दूसरे सबसे बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं। यह वही समुदाय है जो कभी भी राज्य की सियासत का रुख मोड़ सकता है। हालांकि, भाजपाई खेमे की ओर देखें तो शेट्टार के पार्टी छोड़ने से वहां खलबली कम है। आइए जानते हैं भाजपा के पास ऐसा कौन सा ब्रह्मास्त्र है, जो इस नुकसान की भरपाई कर सकता है? राज्य की सियासत के ताजा समीकरण क्या हैं ? और कर्नाटक में लिंगायत समुदाय का इतना महत्व क्यों है?
