INDIA Alliance UP Seat Sharing: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की ओर से अपने गठबंधन के सहयोगियों के लिए सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दी है। हालांकि अखिलेश यादव के इस बंटवारे से कांग्रेस और रालोद दोनों खुश नहीं दिख रहे हैं। कांग्रेस और रालोद समाजवादी पार्टी से और सीटें मांग रहे हैं।
कांग्रेस रालोद ने सपा से मांगी ज्यादा सीटें
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अखिलेश ने कितनी सीटें दीं
उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल सपा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए यूपी की 80 में से कांग्रेस को 11 और रालोद को सात सीट देने को कहा है। बाकी की सीटें अपनी पास रखी है।
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि उसे वर्ष 2009 में पार्टी द्वारा जीती गईं 21 से अधिक सीट दी जाएं। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 21 सीट जीती थीं। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने पीटीआई से बातचीत में पार्टी द्वारा अधिक सीट मांगे जाने के सवाल पर कहा- "सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही है। हम चाहते हैं कि पार्टी राज्य में 22 से अधिक सीट पर चुनाव लड़े जो उसने 2009 के लोकसभा चुनावों में जीती थीं। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस बारे में बात कर रहा है।"
रालोद की मांग
रालोद राज्य में सात के बजाय आठ सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है। रालोद के एक वरिष्ठ नेता ने सपा द्वारा दी गई सीट के बारे में कहा कि रालोद देवरिया लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ना चाहती है। रालोद के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने वर्ष 2004 में कांग्रेस के टिकट पर वहां से चुनाव लड़ा था और अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी थी। रालोद के नेताओं के मुताबिक सपा ने उनकी पार्टी को बागपत, मुजफ्फरनगर, मथुरा, कैराना, हाथरस, बिजनौर और अमरोहा की सीट देने की पेशकश की है। रालोद के एक अन्य नेता ने कहा कि पार्टी नेता इस बात से हैरान हैं कि सपा ने उन्हें अमरोहा लोकसभा सीट की पेशकश कैसे की? खासकर तब, जब मौजूदा सांसद दानिश अली कांग्रेस के साथ तालमेल बैठा रहे हैं। सपा ने रालोद को जिन सात सीट की पेशकश की है, उनमें से तीन सीट पर सपा के उम्मीदवार रालोद के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरेंगे।
