Arvinder Singh Lovely: कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि उन्होंने सिर्फ दिल्ली के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, कांग्रेस से नहीं। लवली ने दावा किया कि उन्होंने टिकटों के बंटवारे की वजह से इस्तीफा नहीं दिया है। टिकटों के बंटवारे में तो वो खुद शामिल थे।
अरविंदर सिंह लवली ने क्यों दिया इस्तीफा
अरविंदर सिंह लवली ने क्यों दिया इस्तीफा
अरविंदर सिंह लवली ने अपने इस्तीफे के कारणों को लेकर कहा- "मैंने अपनी मन की पीड़ा और वो पीड़ा मेरी नहीं है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पीड़ा है, उसको खत के जरिए अपने अध्यक्ष को भेज दिया है। जो लोग इस तरह की भ्रांति फैला रहे हैं कि शायद मैंने किसी टिकट की नाराजगी को लेकर इस्तीफा दिया है तो ऐसा नहीं है। आप सब लोग जानते हैं कि तीन दिन पहले मैंने खुद कैंडिडेट को इंट्रोड्यूस किया है। मेरी पीड़ा उन उसूलों को लेकर है, जिनकी लडा़ई हम पिछले 7-8 साल से लड़ते रहे हैं। हमारे उम्मीदवार उस वास्तविकता को तोड़ने की कोशिश करें, शीला दीक्षित की सरकार में जो काम हुए थे..., हमारा स्टैंड जरूर ये था कि हम (AAP) साथ में चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन कभी कांग्रेस पार्टी ने ये नहीं कहा था कि हम जो है क्लीनचिट दे रहे हैं। हमलोग जो है स्कूल और हॉस्पिटल खोलने का क्रेडिट दे रहे हैं। जो कि वास्तविकता से कहीं दूर है।"
नहीं ज्वाइन करेंगे कोई पार्टी- लवली
अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वो किसी भी पार्टी को ज्वाइन करने नहीं जा रहे हैं। लवली ने आगे- मैंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, कहीं किसी पार्टी को अभी ज्वाइन नहीं कर रहा हूं।
पत्र में लवली ने क्या लिखा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को शनिवार को भेजे इस्तीफा पत्र में लवली ने यह भी कहा कि दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए सभी फैसलों पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) प्रभारी दीपक बाबरिया ने ‘‘एकतरफा वीटो’’ कर दिया। खड़गे को लिखे पत्र में लवली ने कहा कि भारी मन से मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं कि मैं लाचार महसूस कर रहा हूं और दिल्ली पार्टी इकाई का अध्यक्ष बने रहने में असमर्थ हूं।
