Himanta Biswa sarma on Madrassas: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव(karnataka assembly elections 2023) के लिए अब सियासी तीर चलने लगे हैं। वैसे तो असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का इस सूबे से कोई सीधा संबंध नहीं है। लेकिन बेलगावी में रैली के दौरान मदरसा का जिक्र करते हुए कहा कि वो मदरसों की जगह स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय चाहते हैं। यही नहीं असम में अब तक वो 600 मदरसों को बंद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में बांग्लादेश से लोग आकर हमारी सभ्यता और संस्कृति के लिए चुनौती बन रहे हैं। मदरसों को लेकर उनका नजरिया साफ है। वो किसी भी सूरत में असम की धरती( madrassas in assam) पर मदरसा नहीं चाहते।
हिमंता बिस्वा सरमा, असम के सीएम
नए मुगलों का प्रतिनिधित्व करती है कांग्रेस
पिछले साल उन्होंने कहा था कि असम जिहादी गतिविधियों के लिए हॉटबेड बन चुका है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक बांग्लादेश के एबीटी से जुड़े 6 लोग गैर कानूनी तरीके से 2016-17 के बीच दाखिल हुए थे। उनका मकसद स्लीपर सेल के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। बेलगावी की रैली में सरमा ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि पार्टी ने दिखाया कि भारत का इतिहास मुगल सम्राटों के बारे में था और कहा कि यह आज के नए मुगलों" का प्रतिनिधित्व करता है।
आज मंदिर निर्माण की होती है बात
कभी दिल्ली के शासक मंदिरों को तोड़ने की बात करते थे, लेकिन आज पीएम मोदी के शासन में, मैं मंदिरों के निर्माण की बात कर रहा हूं। यह नया भारत है। कांग्रेस इस नए भारत को कमजोर करने का काम कर रही है। कांग्रेस नए मुगलों का प्रतिनिधित्व कर रही है।भारतीय इतिहास में मुगलों को उजागर करने के लिए कांग्रेस और कम्युनिस्टों पर आरोप लगाते हुए, असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय इतिहास छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी था।उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने दिखाया कि भारत का इतिहास बाबर, औरंगजेब और शाजहां के बारे में था। मैं बताना चाहता हूं कि भारत का इतिहास उनके बारे में नहीं है, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह के बारे में है।
