गुजरात में KHAM ने ऐसे लगा दी थी चुनावी नैया पार,ये 4 BJP के लिए कितनी बड़ी चुनौती

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 17, 2022, 09:26 PM IST

Gujarat Assembly Election 2022: KHAM राजनीति का ही असर था कि कांग्रेस को गुजरात में 1980 में 51.04 फीसदी वोट मिले और उसकी सीटों की संख्या 141 हो गई थी। उसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या के साये में हुए 1985 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर KHAM राजनीति काम कर गई।

KEY HIGHLIGHTS
  • भाजपा ने इसा बार 150 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
  • खाम राजनीतिक के दम पर कांग्रेस ने 149 सीटें जीत ली थीं।
  • भाजपा को 2017 के चुनाव में 99 सीटें मिली थीं।

Gujarat Assembly Election 2022: वैसे तो गुजरात की राजनीति 2001 में सत्ता में आने के बाद से, नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द ही घूमती है। लेकिन एक दौर ऐसा था जब राज्य की राजनीति कांग्रेस के कद्दावर नेता माधव सिंह सोलंकी के इर्द-गिर्द घूमती थी। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने ऐसा रिकॉर्ड रचा कि 27 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद, भाजपा अभी तक नहीं तोड़ पाई है। कांग्रेस ने 1985 के चुनाव में 149 सीटें जीत ली। अब भाजपा इस बार 150 सीटों का आंकड़ा छूकर रिकॉर्ड बनाना चाहती है। माधव सिंह सोलंकी ने 80 के दशक में KHAM राजनीति को दांव चलकर विपक्ष का सफाया कर दिया था।

Gujarat Assembly Election 2022 date

जानें खाम राजनीति गुजरात में कैसी रही है हावी

क्या है KHAM राजनीति

असल में KHAM राजनीति का ही असर था कि कांग्रेस को गुजरात में 1980 में 51.04 फीसदी वोट मिले और उसकी सीटों की संख्या 141 हो गई थी। उसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या के साये में हुए 1985 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर KHAM राजनीति काम कर गई। इन चुनावों में कांग्रेस को 55.55 फीसदी वोट मिले और उसकी सीटों की संख्या रिकॉर्ड 149 पर पहुंच गई।

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