19 नए जिलों का बनना सियासत या कुछ और,जानें-अशोक गहलोत को कितना मिल सकता है फायदा

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 18, 2023, 10:43 AM IST

Rajasthan new district: सियासत में फैसलों के समय को महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्थान में अशोक गहलोत ने 19 नए जिलों को बनाने का फैसला प्रशासनिक आधार पर लिया है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ हैं। कांग्रेस जहां इसे राजस्थान के विकास के लिए जरूरी कदम बता रही है वहीं बीजेपी की नजरों में सियासी फसल काटने की कोशिश भर है।

KEY HIGHLIGHTS
  • राजस्थान में 19 नए जिलों का गठन
  • जयपुर में सर्वाधिक 4 जिले बनाए गए
  • जोधपुर में भी जिले का गठन

Rajasthan new district: अशोक गहलोत को यूं ही नहीं सही समय पर ट्रंप कार्ड के लिए नहीं कहा जाता। याद करिए 2018 का वो साल था, राजस्थान में शहर शहर गांव गांव सचिन पायलट कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर लोगों के बीच में थे और उसका असर नतीजों पर भी नजर आया। वसुंधरा राजे सिंधिया सत्ता से बेदखल हो चुकी थीं। लेकिन जब सीएम की कुर्सी पर बैठते बैठते वो रह गए, बाजी अशोक गहलोत के हाथ लग गई। अब एक बार फिर अशोक गहलोत ने 19 जिलों के गठन के तौर पर ट्रंप कार्ड चला है जिसे सियासी तौर पर चुनावी लड़ाई के लिए अहम माना जा रहा है। यहां पर हम बताएंगे कि यह कांग्रेस खासतौर से गहलोत के लिए कितना अहम है और बीजेपी क्यों खफा है।

ashok gehlot

अशोक गहलोत, राजस्थान के सीएम

ये हैं कुल 19 जिले

अनूपगढ़, ब्यावर, डीग, बालोतरा, दूदू, जयपुर उत्तर, जयपुर दक्षिण, जयपुर पूर्व जयपुर पश्चिम, बालोतरा, गंगापुर सिटी, कोटपुतली, बहरोड़, गंगापुर सिटी, नीम का थाना, खैरतल, सांचोर, फलौदी, सलुंबर और शाहपुरा।अब जिन मौजूदा जिलों में से नए जिलों का गठन किया गया उनमें जयपुर में 19 सीट, सीकर में 8 सीट, जोधपुर में 10 सीट, श्रीगंगानगर में 6 सीट, बाड़मेर में 7, नागौर में 7, भरतपुर में 7, जालोर में 5, उयदपुर में 4, पाली में 6, बांसवाड़ा में 5 , अलवर में 11, अजमेर में 8 सीट और सवाई माधोपुर में चार सीट हैं।

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