Himachal Chunav 2022: हिमाचल में BJP को भारी पड़ गई अपने ही नेताओं की बगावत, ये हैं हार की 5 वजहें

  • Authored by: आलोक कुमार राव
  • Updated Dec 8, 2022, 03:47 PM IST

Himachal Chunav 2022: हिमाचल प्रदेश के बारे में पिछले कई दशकों से हर 5 साल के बाद सरकार बदलने की परंपरा रही है। यहां के लोग एक पार्टी को मौका दने के बाद अगली बार दूसरी पार्टी को सरकार बनाने का मौका देते आए हैं। पहाड़ी राज्य के लोगों ने अपनी यह पुरानी परंपरा इस बार भी कायम रखी है।

Himachal Chunav Result 2022: अब तक के चुनाव रुझानों से साफ हो गया है कि हिमाचल प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की बनने जा रही है। रुझान करीब-करीब स्थिर हो गए हैं। ये रुझान अगर नतीजों में तब्दील हो गए तो कांग्रेस अकेले अपने दम पर सरकार बना लेगी। हिमाचल में सरकार बनाने के लिए 35 विधायकों की जरूरत होती है। कांग्रेस 39 सीटों, भाजपा 26 सीटों और अन्य 3 सीटों पर आगे चल रहे हैं। ऐसे में एक दो सीटें कांग्रेस की यदि कम भी होती हैं तो सरकार बनाने में उसे कोई परेशानी नहीं होगी। हिमाचल प्रदेश चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित भगवा पार्टी के तमाम दिग्गज चेहरों एवं मंत्री ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं एवं प्रचार किया फिर भी पार्टी को जीत नहीं दिला सके। इस पहाड़ी राज्य में भाजपा की हार की 5 प्रमुख वजहों पर एक नजर डालते हैं-

jairam Thakur

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022।

BJP की हार में बगावत बड़ी वजह

चुनाव में टिकट न मिलने की नाराजगी राजनीतिक दलों को झेलनी पड़ती है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा को अपने नेताओं की बगावत का नुकसान उठाना पड़ा। इस बार चुनाव में करीब दो दर्जन विधायक ऐसे थे जिन्होंने टिकट कटने पर बगावत कर दी। यह बगावत एवं नाराजगी ऐसी थी कि नेताओं के गुस्से को शांत करने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को दखल देना पड़ा। नाराज विधायकों एवं नेताओं को मनाने के लिए जेपी नड्डा सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन किया। इस मान-मनौव्वल का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा। नड्डा और बड़े नेताओं के दखल के बाद करीब पांच-छह नेता मान गए लेकिन करीब 20 नेता एवं विधायकों निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतर गए। समझा जाता है कि इन बागी नेताओं ने भाजपा का वोट बैंक में सेंध लगाई।

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