जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए सांसद इंजीनियर राशिद को अंतरिम बेल मिल गई है। इंजीनियर राशिद पर आतंकियों के फंडिंग करने का आरोप है। जेल में ही रहकर राशिद ने लोकसभा चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें जीत मिली थी। इंजीनियर रशीद उर्फ शेख अब्दुल रशीद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया था।
आतंकी फंडिग के आरोप गिरफ्तार हुए थे इंजीनियर राशिद (फोटो- फेसबुक)
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विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए मिली अंतरिम जमानत
इंजीनियर राशिद की पार्टी इस विधानसभा चुनाव में जोरशोर से लड़ रही है। इसी के लिए उन्होंने प्रचार करने के लिए जमानत की मांग की थी। इससे पहले पांच जुलाई को अदालत ने रशीद को लोकसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने के लिए हिरासती पैरोल दी थी। अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका पर अपना आदेश कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
किस मामले में गिरफ्तार हुए हैं इंजीनियर राशिद
2017 के आतंकी वित्तपोषण मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में है। वह तिहाड़ जेल में बंद है। रशीद का नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वटाली के खिलाफ जांच के दौरान सामने आया था, जिसे एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को कथित रूप से वित्तपोषित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एनआईए ने इस मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। मलिक को आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद 2022 में एक निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
