Bihar Voter List: बिहार में मतदाता सूची सुधार (SIR) के पहले चरण का काम 24 जून से 25 जुलाई तक चला। इसमें 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ लोगों ने फॉर्म जमा किया। 12 प्रमुख राजनीतिक दलों ने 1.60 लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) नियुक्त किए। जिन लोगों का नाम कई जगह वोटर लिस्ट में था, उनका नाम सिर्फ एक जगह रखा जाएगा। 1 अगस्त से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी। कोई भी व्यक्ति या पार्टी 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक नाम जोड़ने या गलत नाम हटाने के लिए दावा-आपत्ति कर सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (फोटो- Election Commission)
नाम काटे जाने के आरोपों पर क्या बोले सीईसी
बाहर गए मतदाताओं, शहरी वोटरों, युवाओं और दिव्यांगों को शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। 29 लाख फॉर्म ऑनलाइन भरे या डाउनलोड किए गए। चुनाव आयोग ने कहा है कि बिना नोटिस और आदेश के किसी का नाम लिस्ट से नहीं हटेगा। वहीं मतदाता सूची से लोगों के नाम काट दिए जाने के राजनीतिक आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उन्हें भ्रम फैलाने का काम नहीं करना चाहिए।
अभी केवल ड्राफ्ट सूची
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि कुछ लोग ड्राफ्ट लिस्ट को ही अंतिम सूची बताने की कोशिश कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। SIR आदेश के अनुसार 1 अगस्त को जो सूची जारी होगी, वह केवल Draft है, न कि अंतिम सूची। अंतिम सूची में किसी नाम को जोड़ने या हटाने का निर्णय ERO/AERO के आदेश के बिना नहीं हो सकता। इसलिए मतदाताओं और राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे 1 अगस्त से 1 सितंबर के बीच दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराएं, अभी भ्रम फैलाने का काम न करें।
अभी मतदाताओं के पास एक महीने का समय
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब 1 अगस्त से 1 सितंबर तक का पूरा एक महीना उपलब्ध है, जिसमें कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल गलत नामों को हटाने या छूटे हुए नामों को जोड़ने के लिए दावा या आपत्ति दे सकता है, तो अभी से घबराहट क्यों? राजनीतिक दलों के 1.60 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) हैं। SIR पर सवाल उठा रहीं पार्टियां क्यों नहीं इन बूथ लेवल एजेंट को अपने क्षेत्र में दावे और आपत्तियां समय पर दाखिल करने के लिए कह रहे? चुनाव आयोग ने कहा इससे प्रक्रिया पारदर्शी भी होगी और सभी योग्य मतदाता सूची में शामिल हो सकेंगे।
