BJP vs Raj Thackeray: महाराष्ट्र की सियासत कब किस ओर करवट लेगी, इसका अंदाजा लगा पाना बिल्कुल वैसा ही है, जैसे रेत के मैदान में सुई ढूंढना। राज ठाकरे के मन में क्या खिचड़ी पक रही है, फिलहाल इसके बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने उनसे और उनकी पार्टी से सीधे तौर पर किनारा कर लिया है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज ठाकरे के उस बयान पर भाजपा की ओर से सफाई पेश कर दी है, जिसमें मनसे प्रमुख ने भाजपा के साथ जाने की बात कही थी।
भाजपा ने राज ठाकरे से कर लिया किनारा।
महायुति में राज ठाकरे की पार्टी के लिए जगह नहीं!
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि 'राज ठाकरे हमारे मित्र हैं, उन्होंने पिछले (लोकसभा) चुनाव में बिना शर्त हमारा समर्थन किया था, इस चुनाव में उनकी भूमिका अलग है, उन्होंने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, वे उम्मीदवार महायुति के उम्मीदवारों के खिलाफ भी लड़ने वाले हैं, महायुति में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी है और रिपब्लिकन पार्टी, जनसुराज्य और अन्य छोटी पार्टियां हमारा गठबंधन है, राज ठाकरे ने कई उम्मीदवार उतारे हैं, इसलिए कोई गुंजाइश नहीं है कि वे महायुति में शामिल होंगे।'
फडणवीस ने आगे कहा कि हम रणनीतिक रूप से किसी अन्य स्थान पर सीएम की मान्यता के साथ मदद करने या गठबंधन करने पर विचार कर सकते हैं, शिवड़ी जैसी सीट है जिस पर सीएम ने स्टैंड लिया है, लेकिन मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हम वही लोग हैं जो महायुति में मौजूद हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि महायुति की सरकार बनेगी और सीएम महायुति से ही होगा, सीएम हमारे नेता हैं, हम सभी उनके नेतृत्व में सरकार में काम कर रहे हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि लोग इस सरकार के प्रदर्शन पर हमें चुनाव जिताएंगे।
आखिर क्या है सारा माजरा? समझिए कहानी
राज ठाकरे ने बुधवार को कहा था कि मनसे और भाजपा चुनाव के बाद साथ आ जायेंगी एवं अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा। इसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई। इसी कड़ी में संजय राउत ने उद्धव के चचेरे भाई की चुटकी ले ली। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि 'महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इसलिए तारीफ कर हैं क्योंकि उन्हें अपने बेटे अमित ठाकरे की फिक्र है। अमित ठाकरे महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हो रहे विधानसभा चुनाव में मुंबई की माहिम सीट से मनसे प्रत्याशी के रूप में पहली बार चुनाव में उतर रहे हैं।' अब इस पूरे माजरे पर भाजपा ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ऐसे में राज ठाकरे की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
