Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सियासी उठापटक का दौर तेज हो चुका है। इस बीच एनडीए के सहयोगी दल ने दिल्ली में भाजपा के खिलाफ ही चुना लड़ने का प्लान बना लिया है। यहां बात महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शरद पवार के भतीजे अजित पवार की हो रही है। उनकी पार्टी ने दिल्ली के चुनावी दंगल में दो-दो हाथ करने का मन बना लिया है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने दिल्ली विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए शनिवार को 11 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी।
एनसीपी ने दिल्ली चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की।
एनसीपी ने किस सीट से किसे बनाया अपना उम्मीदवार?
अजित पवार की पार्टी ने बादली से मुलायम सिंह को दिल्ली कांग्रेस प्रमुख देवेंद्र यादव के खिलाफ टिकट दिया है। राकांपा ने बुराड़ी से रतन त्यागी, चांदनी चौक से खालिद उर रहमान, बल्ली मारन से मोहम्मद हारुन और ओखला से इमरान सैफी को मैदान में उतारा है।
एनसीपी ने दिल्ली चुनाव के लिए जारी की पहली सूची।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने कितने उम्मीदवार उतारे?
छतरपुर से नरेंद्र तंवर, लक्ष्मी नगर से नमहा, गोकुलपुरी से जगदीश भगत, मंगोलपुरी से खेम चंद, सीमापुरी से राजेश लोहिया और संगम विहार से कमर अहमद को प्रत्याशी बनाया है। दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव अगले वर्ष फरवरी में होने की उम्मीद है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने अब तक 47 सीट के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
आज ही के दिन पहली बात सत्ता में आए थे केजरीवाल
देश की राजधानी दिल्ली के चुनावी इतिहास में 28 दिसंबर की तारीख एक बड़े सियासी उलटफेर के साथ दर्ज है। इसी दिन आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस की मदद से दिल्ली में पहली बार सरकार बनाई थी। अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छोड़कर राजनीति में आए केजरीवाल के नेतृत्व में 2013 में चुनावी समर में उतरी आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई और 28 सीट जीतकर सारे राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमानों को गलत साबित कर दिया। इस चुनाव में आठ सीट जीतने वाली कांग्रेस ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को सत्ता से दूर रखने के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देकर उसकी सरकार बनाने का रास्ता साफ कर दिया।
