Delhi MCD Election 2022 (दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022): दिल्ली नगर निगम को एमसीडी (म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ डेल्ही) के नाम से भी जाना जाता है। यह देश के अन्य नगर निगमों जैसे काम करता है। यह शहर में पानी की सप्लाई, मार्केट्स का मैनेजमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, पार्किंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सड़कें-ओवरब्रिज और शवदाह गृहों आदि का प्रबंधन करता है।
MCD Polls 2022: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
सड़क बनाने, नालों के रखरखाव से लेकर कुछ डिस्पेंसरी-अस्पताल और प्राइमरी स्कूल चलाने जैसे काम भी यह संभालता है। एमसीडी दिल्ली की सीमाओं पर टोल टैक्स, विज्ञापन राजस्व और भू-कर से कमाई करती है, जबकि इसे दिल्ली और केंद्र सरकार से मदद मिलती है। इसे शहर की छोटी सरकार भी कहा जाता है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थापना देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (तब बॉम्बे) में बंबई नगर निगम की तर्ज पर की गई थी। राष्ट्रपति ने 28 दिसंबर, 1957 को एमसीडी अधिनियम बिल को हरी झंडी दी थी। फिर सात अप्रैल 1958 को नगर निगम अस्तित्व में आया। आगे इसी साल में शहर को पहली पार्षद मिलीं, जो कि अरुणा आसिफ अली थीं। वैसे, चुने गए मेयर तब त्रिलोक चंद शर्मा थे।
यह दिल्ली नगर निगम का आधिकारिक लोगो है। (सोर्स: mcdonline.nic.in)
एमसीडी की पहली मीटिंग तब के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ली थी और उसमें उनका संबोधन भी हुआ था। नगर निगम का हेडक्वार्टर पुरानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले चांदनी चौक इलाके के तहत आने वाले ऐतिहासिक टाउन हाल को बनाया गया था। साल 2000 तक इसी दफ्तर से एमसीडी चली। साल 2022 में नए परिसीमन के बाद भले ही 250 मेयर चुने जाएं मगर इससे पहले 2017 में 272 मेयर चुने गए थे, जबकि साल 1958 में एमसीडी में 80 मेयर हुआ करते थे।
