Delhi Assembly Election 2025: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और नई दिल्ली सीट से उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलकर तीन प्रमुख शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें उन्होंने दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप दीक्षित ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलकर ये शिकायतें की...
नई दिल्ली सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने दिल्ली के राज्यपाल से मिलकर आप पर लगाए गंभीर आरोप
1. महिला सम्मान योजना में धोखाधड़ी का आरोप
संदीप दीक्षित ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार द्वारा मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत किए जा रहे रजिस्ट्रेशन और उसके विज्ञापनों के जरिए महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
• उन्होंने कहा कि यह योजना धोखाधड़ी पर आधारित है और इसमें आम आदमी पार्टी की मंशा संदिग्ध है।
• उन्होंने इस मामले में एक उच्च स्तरीय जांच (High-Level Enquiry) की मांग की है।
• साथ ही, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
2. पंजाब पुलिस द्वारा जासूसी का आरोप
संदीप दीक्षित ने अपनी दूसरी शिकायत में कहा है कि पंजाब पुलिस उनके पीछे जासूसी (Snooping) कर रही है।
• उन्होंने दावा किया कि उनके घर के बाहर पंजाब पुलिस के जवान देखे गए हैं।
• इस गतिविधि की पुष्टि उन्होंने पंजाब पुलिस के सूत्रों के हवाले से की है।
• हालांकि, उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम उन्हें डराने में नाकाम होंगे।
3. दिल्ली में अवैध धन की आवाजाही का आरोप
तीसरी शिकायत में संदीप दीक्षित ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वह पुलिस वाहनों के जरिए अवैध धन दिल्ली भेज रही है।
• उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने उन्हें यह जानकारी दी, जिसे पंजाब पुलिस के सूत्रों ने भी सत्यापित किया।
• इस मामले में, उन्होंने उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के डीजीपी को इस बारे में सूचित किया जाए।
• उन्होंने दिल्ली की सीमा पर सभी वाहनों की सख्ती से जांच करने का अनुरोध किया ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
संदीप दीक्षित ने कहा कि वे इन मुद्दों को लेकर प्रतिबद्ध हैं और आम आदमी पार्टी की कथित अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऐसे किसी भी दबाव या डराने-धमकाने की रणनीति के आगे नहीं झुकेंगे। यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बन गया है, और देखना होगा कि दिल्ली प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां इन शिकायतों पर क्या कदम उठाती हैं।
