Opposition Parties Internal Tension: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बजाय आगामी लोकसभा चुनाव में अकेले चुनावी मैदान में उतरने की इच्छुक है। ऐसी जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। दोनों दल ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए ये समझ आ रहा है कि विपक्षी गठबंधन की टेंशन बढ़ सकती है।
पंजाब में जिद पर अड़ी कांग्रेस और आप?
लोकसभा चुनाव से पहले आप Vs कांग्रेस की जंग
पंजाब विधानसभा चुनाव में आप ने प्रचंड जीत के साथ 117 सीटों पर अपना कब्जा जमाया और सत्ता हासिल की थी। उस वक्त राज्य में सरकार बनाने का ख्वाब देखने वाली कांग्रेस सिर्फ 18 सीट जीतने में कामयाब रही। विपक्षी खेमे के सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस भी पंजाब में आप के साथ गठबंधन के बिना लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छुक है।
विपक्षी दलों में सीट-बंटवारे पर कब बनेगी सहमति?
‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक मंगलवार को हुई, जिसमें 28 विपक्षी दलों के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संयुक्त रूप से मुकाबला करने के वास्ते जनवरी के मध्य तक लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की। साल 2020 में आप ने दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में 62 सीट जीतकर तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। हालांकि, पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनाव में दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं।
दिल्ली में कांग्रेस और आप के बीच बन गई बात
सूत्रों ने कहा कि आप राष्ट्रीय राजधानी की सात लोकसभा सीट में से तीन कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार है। विपक्षी खेमे का मानना है कि कांग्रेस और आप के पास अकेले लड़ने तथा इसे त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के बजाय एक टीम के रूप में राष्ट्रीय राजधानी में अधिक लोकसभा सीट जीतने की बेहतर संभावना है। वर्ष 2014 और 2019 के आम चुनाव में भाजपा ने दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीट जीती थीं। 2019 में कांग्रेस और आप के संयुक्त वोट भाजपा उम्मीदवारों से काफी कम थे। पंजाब और दिल्ली में सीट बंटवारे पर चर्चा 30 दिसंबर के बाद होने की संभावना है।
