Ishwar Sahu Defeats Ravindra Choubey: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया। इनमें छत्तीसगढ़ के परिणामों में सारे कयास धरे के धरे रह गए। सबसे दिलचस्प कहानी बेमतारा जिले के साजा सीट से विधायक चुने गए ईश्वर साहू की है। पेशे से मजदूर ईश्वर के बेटे भुवनेश्वर साहू को सांप्रदायिक दंगों के दौरान भीड़ ने मार दिया था। ईश्वर साहू को भाजपा ने टिकट दिया और उन्होंने सात बार के विधायक और कांग्रेस के दिग्गज नेता रविंद्र चौबे को चुनाव में मात दे दी।
7 बार के विधायक रविंद्र चौबे को मजदूर ईश्वर साहू ने हराया।
मजदूर ने छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को हराया
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजों में मजदूर ईश्वर साहू ने भूपेश बघेल सरकार के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को हराकर सबसे अधिक सुर्खियां बटोरी है। छत्तीसगढ़ के 24 वर्षीय भुवनेश्वर साहू को बेमेतरा के बिरनपुर में सांप्रदायिक दंगों के दौरान भीड़ ने मार दिया था और उसके परिवार को कांग्रेस सरकार में न्याय नहीं मिला। उनके पिता ईश्वर साहू जो बेहद गरीब थे, उनको भाजपा ने ‘साजा’ विधानसभा सीट से टिकट दिया। भुवनेश्वर के पिता ईश्वर साहू ने 5196 वोटों से कांग्रेस सरकार में मंत्री और 7 बार के विधायक रविंद्र चौबे को हरा दिया है। लोग इसे यह जनता का न्याय बता रहे हैं।
साजा सीट के नतीजों में किसे कितने वोट मिले?
छत्तीसगढ़ के चुनावी परिणाम में भाजपा ने भूपेश बघेल की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 54 सीटों पर जीत दर्ज की है, वहीं कांग्रेस महज 35 सीटों पर सिमट गई। साजा विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों का जिक्र करें तो भाजपा प्रत्याशी ईश्वर साहू ने कुल एक लाख एक हजार सात सौ नवासी (101789) वोट हासिल किए और कांग्रेस उम्मीदवार रविंद्र चौबे के खाते में 96593 वोट गए। साहू ने चौबे को इस चुनाव में पांच हजार एक सौ छानबे (5196) वोट से करारी शिकस्त दे दी।
छत्तीसगढ़ की साजा सीट के चुनावी नतीजे।
ईश्वर साहू के समर्थन में अमित शाह ने की थी रैली
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान बेमतारा की साजा सीट पर चुनावी प्रचार करते हुए अमित शाह ने कहा था कि ईश्वर साहू सिर्फ उम्मीदवार नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई के प्रतीक हैं। अगर बीजेपी सत्ता में वापस आती है तो उनके बेटे भुनेश्वर साहू के हर हत्यारे को जेल भेजा जाएगा। अब देखना होगा कि मजदूर से विधायक बने ईश्वर साहू को अपने बेटे की हत्या के मामले में कब इंसाफ मिलता है।
भुवनेश्वर के परिवार ने मुआवजा लेने से कर दिया था इनकार
अप्रैल 2023 में एक स्कूल में मारपीट की घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया था, इन दंगों में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ईश्वर साहू का बेटा भुवनेश्वर साहू भी शामिल था। इस घटना के बाद मुआवजे के तौर पर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने भुवनेश्वर के परिवार को 10 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था, हालांकि ईश्वर साहू ने इस मुआवजे को लेने से साफ इनकार कर दिया था।
