Rajasthan Election: राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान का दिन नजदीक आ चुका है और आज शाम 5 बजे प्रचार बंद हो जाएगा। भाजपा ने प्रचार में अब पूरी ताकत झोंक दी है। देशभर के तमाम नेता राजस्थान की अलग अलग विधानसभा सीटों पर जाकर पार्टी की जीत के लिए मजबूत किलेबंदी करने में जुटे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में मोर्चा संभाला हुआ है, वहीं विधानसभा के हिसाब से जातिगत समीकरण को देखते हुए प्रवासी पदाधिकारियों को भेजा गया है। यह प्रवासी पदाधिकारी जनता के बीच जाकर 25 नवंबर को कमल का बटन दबाकर भाजपा को वोट देने की अपील कर रहे हैं।
पूर्वी राजस्थान में बीजेपी ने की मजबूत किलेबंदी
बता दें कि मरुधरा का चुनाव इस बार कई मायने में अलग नजर आ रहा है। भाजपा और कांग्रेस फूंक-फूंककर अपने कदम आगे बढ़ा रही है। किसान कर्जमाफी, पेपरलीक, भ्रष्टाचार, महिला और बालिकाओं के संबंधित अपराधों के मुद्दे को लेकर गहलोत सरकार पर हमलावर होती भाजपा का माहौल प्रदेश में बनता नजर आ रहा है। ऐसे में भाजपा ने पूर्वी राजस्थान के लिए मजबूत किलेबंदी की है। भाजपा इस बार पूर्वी राजस्थान में परचम लहराना चाहती है। खुद प्रधानमंत्री यहां भरतपुर और करौली में जनसभाएं कर चुके हैं।
क्यों अहम है पूर्वी राजस्थान
2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान की 19 विधानसभा सीटों में केवल एक सीट भाजपा के खाते में आई थी। भरतपुर, धौलपुर और करौली जिले में 2018 के विधानसभा चुनाव में केवल धौलपुर सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में भाजपा के लिए इस बार यह क्षेत्र काफी अहम हो गया है। 2013 के चुनाव में इसी क्षेत्र में भाजपा ने भगवा लहराया था।
इन नेताओं को मैदान में लगाया
भाजपा ने पूर्वी राजस्थान में दूसरे राज्यों के जाट एवं गुर्जर नेताओं को चुनाव प्रबंधन और अभियान में लगाया है। भाजपा ने बीजेपी दिल्ली प्रदेश के महामंत्री कुलदीप सिंह चहल को इस क्षेत्र में लगाया है। वह जाट बिरादरी से आते हैं और जाटों में पार्टी की बात करने को उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि वह लगातार बूथ स्तर पर बैठक कर रहे हैं और मोदी सरकार की जनसरोकार की नीतियों के बारे में बताकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम कर रहे हैं।
क्या रणनीति अपना रहे प्रवासी
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि पूर्वी राजस्थान में भाजपा 2013 वाले परिणाम से भी ज्यादा सीटें लेकर आए। राजस्थान की जनता भ्रष्टाचार, पेपरलीक, महिला अपराध से परेशान है। यहां के किसान कर्ज में डूबे हैं। यही वजह है कि जनता बदलाव चाहती है और भाजपा को जिताना चाहती है। उन्होंने बताया कि प्रवासी छोटी छोटी पंचायतें और बैठकें कर रहे हैं, बूथ प्रबंधन मजबूत कर रहे हैं, पन्ना प्रमुखों से संवाद कर रहे हैं, शक्ति केंद्रों पर संवाद कर रहे हैं। कुलजीत चहल के अलावा राज्यसभा सांसद एवं बीजेपी के राष्ट्रभक्ति मंत्री सुरेंद्र सिंह नागर करौली क्षेत्र में चुनाव प्रबंधन देख रहे हैं।
