NDA Maharashtra Seat Sharing: महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन 'महायुति' के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत के बीच अब भाजपा पर दबाव बढ़ रहा है। उसके सहयोगी एनसीपी (अजित पवार खेमा) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) आगामी लोकसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं। इंडिया टुडे टीवी की खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजीत पवार लगभग 16 लोकसभा सीटों की समीक्षा करने की योजना बना रहे हैं, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य का दौरा कर रहे होंगे।
महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग पर फंसा पेच
अजित पवार खेमे के पास सिर्फ एक सीट
अजित पवार खेमे के पास अभी सिर्फ एक लोकसभा सीट रायगढ़ है, जिसका प्रतिनिधित्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे करते हैं। एनसीपी (अजित पवार खेमा) के प्रवक्ता संजय तटकरे ने कहा कि अजित पवार द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे।
सूत्रों ने कहा कि अजित पवार खेमा आगामी चुनाव में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से धाराशिव, परभणी, बुलढाणा, गढ़चिरौली, माढ़ा, हिंगोली, बारामती, शिरूर, सतारा और रायगढ़ सहित कम से कम 10 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खेमे के कैबिनेट मंत्री शिवसेना के शंभूराज देसाई ने जोर देकर कहा कि पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था, 2024 चुनावों में भी वह सभी 22 सीटों पर चुनाव लड़ना है।
कई सीटों पर विवाद जारी
सूत्रों के मुताबिक, माढ़ा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्गा, मावल, शिरूर, रायगढ़, मुंबई नॉर्थवेस्ट, पालघर, संभाजी नगर, परभणी, यवतमाल, शिरडी और गढ़चिरौली समेत कई सीटों पर बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) के बीच विवाद जारी है। एनसीपी नेता रामराजे निंबालकर ने माढ़ा लोकसभा सीट पर अपना दावा किया है, जिस पर भाजपा के रंजीत नाइक निंबालकर का कब्जा है। माढ़ा सीट कभी एनसीपी का गढ़ मानी जाती थी, जहां से शरद पवार ने 2009 में भी चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।
नारायण राणे की दावेदारी से मतभेद
रत्नागिरी-सिंधुदुर्गा पर केंद्रीय एसएमई मंत्री नारायण राणे के दावे के बाद शिंदे गुट वाली शिव सेना के रामदास कदम ने भाजपा की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी का लक्ष्य चुनाव से पहले हर पार्टी को खत्म करना है। कदम की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हर पार्टी को अपनी सीटों पर दावा करने का अधिकार है, लेकिन आखिरी फैसला राज्य और केंद्रीय नेतृत्व के बीच चर्चा के बाद लिया जाएगा।
भाजपा के लिए दोहरी चुनौती
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की 195 उम्मीदवारों की पहली सूची में महाराष्ट्र से कोई भी नाम शामिल नहीं है। 48 सीटों वाले महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए गठबंधन में चर्चा का दौर जारी है लेकिन अब तक सहमति बनने की खबर नहीं आई है। अगर एनसीपी अजित पवार गुट 10 सीटों और शिव सेना शिंदे गुट 22 सीटों पर ही अड़ी रहती है तो पेच फंस जाएगा। ऐसे में क्या बीजेपी सिर्फ 16 सीटों पर ही लड़ेगी, ये नामुमकिन सी बात है। इसी पेच को सुलझाने के लिए चर्चा का दौर जारी है। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा ही सबसे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन सीट बंटवारे का पेच किस तरह सुलझाया जाएगा ये भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है।
