EBC Vote Bank: बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन (I.N.D.I.A ब्लॉक) ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को पटना के होटल चाणक्य में दोपहर 3 बजे ‘अत्यंत पिछड़ा वर्ग’ (EBC) के लिए न्याय संकल्प पत्र जारी किया जाएगा। इसमें रोजगार, शिक्षा के अवसर और समुदाय को अत्याचार से कानूनी सुरक्षा जैसे बड़े वादे शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और CPI(ML) सांसद सुधामा प्रसाद मौजूद रहेंगे। यह कार्यक्रम कांग्रेस वर्किंग कमेटी की विस्तारित बैठक के साथ ही रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को बिहार के वरिष्ठ नेताओं ने इस एजेंडे को अंतिम रूप दिया।
बिहार में महागठबंधन की नजर ECB वोट बैंक पर (PTI)
बिहार में EBC आबादी लगभग 36%
EBC आबादी बिहार की लगभग 36% है, जिसमें 112 जातियां शामिल हैं—जैसे तेली, मल्लाह, कानू और धनुक। विधानसभा ने पिछली जातीय जनगणना के बाद OBC आरक्षण 18% से बढ़ाकर 25% करने का कानून पास किया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया। अब गठबंधन इस समुदाय को विशेष कानूनी सुरक्षा और बढ़ा हुआ आरक्षण देने का वादा कर सकता है।
नीतीश कुमार और जेडीयू के पक्ष में EBC वोट बैंक
EBC वोट बैंक अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पक्ष में माना जाता रहा है। इसी समीकरण को बदलने के लिए आरजेडी ने पहली बार EBC नेता मंगनी लाल मंडल (धनुक जाति) को बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। कांग्रेस ने भी अलग से EBC विभाग बनाया है। दोनों पार्टियां इस बार ज्यादा EBC उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी कर रही हैं।
2020 के विधानसभा चुनाव का आंकड़ा
2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के 19 EBC उम्मीदवारों में से सिर्फ 4 जीते थे, जबकि जेडीयू ने 17 में से 12 उम्मीदवारों को जीत दिलाई थी। इसी वजह से आरजेडी अब ‘मुस्लिम-यादव पार्टी’ की छवि से बाहर निकलकर EBC समुदाय में पकड़ मजबूत करना चाहती है। इधर, 26 सितंबर को कांग्रेस महिलाओं के लिए अलग एजेंडा लॉन्च करेगी। इसमें प्रियंका गांधी की मौजूदगी तय है और कर्जमाफी जैसे वादों पर फोकस होगा।
