जब बिहार में 128 विधायकों वाली कांग्रेस, 1 सीट वाली पार्टी से गई थी हार! कर्पूरी ठाकुर का सपना तोड़ महामाया बन गए थे CM

महामाया प्रसाद सिन्हा बिहार के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे, हालांकि उनकी सरकार 329 दिन ही चली, लेकिन इसने कांग्रेस के खिलाफ बिहार में माहौल बना दिया। महामाया प्रसाद सिन्हा कभी कांग्रेस में ही थे और बड़े नेता माने जाते थे, लेकिन जब कांग्रेस से खफा हुए तो सिटिंग सीएम तक को हरा दिया था।

बिहार की राजनीति में कई अचंभित कर देने वाले किस्से हैं, लालू यादव और नीतीश कुमार ने जेपी आंदोलन के बाद ऐसा व्यूह रचा कि 1990 के बाद से राज्य में कांग्रेस कभी सीएम नहीं बना पाई। लगातार कमजोर होती गई, लेकिन बिहार में सबसे पहले कांग्रेस को पटखनी महामाया प्रसाद सिन्हा ने दिया था। वो भी तब जब पंडित नेहरू के बाद इंदिरा का देश की राजनीति में आगमन हो चुका था, कांग्रेस का वर्चस्व था, लेकिन तभी छात्रों को 'जिगर के टुकड़े' कहने वाले महामाया प्रसाद सिन्हा ने बिहार में कांग्रेस को पटखनी दे दी। आपको जानकार हैरान होगी कि महामाया प्रसाद सिन्हा एक तरह से निर्दलीय जीत कर आए थे, वो जिस पार्टी के थे, उससे वही सिर्फ जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। तब महामाया प्रसाद सिन्हा ने कर्पूरी ठाकुर का भी सीएम बनने का सपना तोड़ दिया था।

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महामाया प्रसाद सिन्हा के मुख्यमंत्री बनने की कहानी

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