Rosera Assembly Election 2025: दलित सशक्तिकरण और चुनावी समीकरण का केंद्र रहा है रोसड़ा; जानें इस विधानसभा सीट का इतिहास और वोटिंग की डेट

Rosera Assembly Election 2025: रोसड़ा विधानसभा सीट, समस्तीपुर जिले में स्थित, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यह एससी-आरक्षित क्षेत्र है। दशकों तक वामपंथ का गढ़ रही यह सीट अब भाजपा के मजबूत प्रभाव में है। 2020 के चुनाव में वीरेंद्र पासवान की ऐतिहासिक जीत ने रोसड़ा की बदलती राजनीतिक दिशा को स्पष्ट कर दिया।

Rosera Assembly Election 2025: बिहार की रोसड़ा विधानसभा सीट, जो समस्तीपुर जिले में स्थित है, एक सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है। यह सीट एससी-आरक्षित है और इसकी वोटिंग फेज 1 के तहत 6 नवंबर को होगी, जबकि मतगणना 14 नवंबर को संपन्न होगी। रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र केवल चुनावी परिणामों के कारण ही नहीं, बल्कि अपने ऐतिहासिक राजनीतिक परिवेश और बदलते सामाजिक समीकरणों के कारण भी जाना जाता है। पिछले कई दशकों तक यह क्षेत्र वामपंथी विचारधारा, विशेषकर सीपीएम, का गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन पिछले दस वर्षों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यहां अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू किया।

Rosera Assembly Election 2025

रोसड़ा विधानसभा चुनाव 2025

2020 के विधानसभा चुनाव का हाल

2020 के विधानसभा चुनाव में यह परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जब भाजपा के उम्मीदवार वीरेंद्र पासवान ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बीजेपी के वीरेंद्र पासवान ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के नागेंद्र कुमार पासवान विकल को 35,744 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस जीत ने भाजपा की मजबूत स्थिति और रोसड़ा में उनके व्यापक समर्थन को उजागर किया। वीरेंद्र पासवान ने कुल 47.93 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा होते हुए केवल 28.27 प्रतिशत वोटों पर सिमट गई। वहीं, एलजेपी के कृष्ण राज ने 22,995 वोट (12.64 प्रतिशत) हासिल कर मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बनाया।

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